राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 27 IAS अधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, आदेश जारी
Wednesday, Mar 25, 2026-09:33 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य सरकार ने 27 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी पर भेजने का फैसला लिया है। ये अधिकारी देश के पाँच राज्यों—असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी—में होने वाले चुनावों में बतौर चुनाव पर्यवेक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, इन अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाना है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल लागू किया गया है।
प्रदेश में प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की तैयारी
चूंकि इतने बड़े पैमाने पर वरिष्ठ अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी पर भेजा गया है, इसलिए उनके विभागों का अतिरिक्त प्रभार अन्य योग्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के प्रशासनिक कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और कामकाज सुचारू रूप से चलता रहेगा।
कई वरिष्ठ IAS अधिकारी होंगे चुनावी ड्यूटी पर तैनात
इस सूची में कई बड़े और अनुभवी IAS अधिकारी शामिल हैं, जैसे पी. नरहरी, वंदना वैद्य, तरुण राठी, श्रीमन शुक्ल, प्रबल सिपाहा और अभिजीत अग्रवाल। इन अधिकारियों को चुनाव आयोग की निगरानी में अलग-अलग राज्यों में तैनात किया जाएगा, जहां वे चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
अतिरिक्त प्रभार से बदले जिम्मेदार
इन अधिकारियों के जाने के बाद राज्य में प्रशासनिक कार्यों के लिए कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। उदाहरण के तौर पर—
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग को नया प्रभार ,नगरीय विकास, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पंचायत विभागों में भी बदलाव ,कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई,चुनाव आयोग की सख्त निगरानी
चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही संबंधित सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो चुकी है। इस दौरान सभी प्रशासनिक और सरकारी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है ताकि चुनाव निष्पक्ष रह सकें।
क्या है बड़ा संदेश?
यह कदम इस बात का संकेत है कि चुनाव आयोग और सरकार मिलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। मध्यप्रदेश से इतने बड़े पैमाने पर IAS अधिकारियों की तैनाती यह भी दर्शाती है कि राज्य प्रशासन पर चुनावों को लेकर कितना भरोसा किया जा रहा है। कुल मिलाकर, MP में हुआ यह प्रशासनिक फेरबदल चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल को जन्म दे सकता है।

