कर्जमाफी पर फूटा किसानों का गुस्सा, प्रशासन को 15 दिन की चेतावनी; फिर होगा बड़ा आंदोलन
Sunday, Aug 02, 2026-12:50 PM (IST)
धमधा (हेमंत पाल): छत्तीसगढ़ के धमधा आईडीबीआई बैंक के ऋणमाफी विवाद ने अब आंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। शनिवार को ग्राम परसबोड़ में किसान बंधु संगठन, धमधा ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। बैठक में साफ तौर पर प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी गई कि यदि इस अवधि में पात्र किसानों की ऋणमाफी और पूरे मामले का समाधान नहीं हुआ तो किसान अपने परिवार सहित धमधा एसडीएम कार्यालय के सामने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ अब तक तीन दौर की बैठक हो चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला और कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया। प्रशासन द्वारा मांगी गई किसानों की सूची भी संगठन ने तैयार कर उपलब्ध करा दी है, इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।
किसान बंधु संगठन के नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि बैंक प्रबंधन का दावा है कि वर्ष 2018 में जिन किसानों के खाते एनपीए (NPA) थे, उनका ऋण पूरी तरह माफ किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अन्य किसानों के खाते भी वर्षों से एनपीए की श्रेणी में हैं, तो उन्हें इस लाभ से क्यों वंचित रखा गया? उन्होंने आरोप लगाया कि कथित कमीशनखोरी के कारण केवल करीब 20 किसानों का ही शत-प्रतिशत ऋण माफ किया गया, जबकि अन्य पात्र किसानों को योजना का लाभ नहीं मिला। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में मौजूद किसानों ने कहा कि यह केवल कर्जमाफी का मामला नहीं, बल्कि किसानों के साथ समानता और न्याय का भी प्रश्न है। उनका कहना है कि यदि सभी पात्र किसानों के साथ एक समान व्यवहार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में निर्णय लिया गया कि अगले 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने समाधान नहीं निकाला तो प्रभावित किसान अपने परिवार सहित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, धमधा के सामने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल, किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के अध्यक्ष आत्मा साहू, पूर्व जनपद सदस्य डॉ. जोहान वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि मोतीराम वर्मा, मनसुख साहू, दुवासू साहू, पंचराम साहू, हेमराज साहू, सुभाष साहू, नेतूराम साहू, बिसंभर साहू, डॉ. हर्ष साहू, भानु साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

