तीसरी संतान बनी दुःख का कारण, टीचर को धोना पड़ा सरकारी नौकरी से हाथ

Thursday, Apr 03, 2025-06:30 PM (IST)

छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर में तीसरी संतान होने पर शासकीय शिक्षिका को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। जिसका बाकायदा आदेश जारी हुआ, जिसमें जिक्र है कि- म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के उपनियम 10 (आठ) के तहत रंजीता साहू माध्यमिक शिक्षक शास.उ.मा.वि.धमौरा जिला-छतरपुर की शासकीय सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है।

जानकारी के मुताबिक, लोक सेवक रंजीता साहू माध्यमिक शिक्षक शास.उ.मा.वि.धमौरा जिला छतरपुर द्वारा प्रस्तुत लिखित प्रतिवाद, विभागीय जांच प्रतिवेदन एवं अभिलेखों के समग्र परीक्षण उपरांत पाए गए तथ्यों के प्रकाश में म.प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र कमांक एफ 1-14/2019/20-1 भोपाल दिनांक 27-9-2019 एवं म.प्र.शासन स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र कमांक/एफ 44-65/85/बी-2/बीस, दिनांक 27-06-1997 एवं आदेश कमांक 44-109/20-2/2007 दिनांक 22-8-2008 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन, तथा सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भवन भोपाल दिनांक 10 मार्च 2000 का पालन नहीं किए जाने के कारण, म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के उपनियम 10 (आठ) के तहत रंजीता साहू माध्यमिक शिक्षक शास.उ.मा.वि.धमौरा जिला-छतरपुर की शासकीय सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है।

तीसरी संतान हुई प्रमाणित

शासकीय माध्यमिक शाला धमौरा में अध्यापक के पद पर रहते हुए रंजीता साहू शासकीय सेवा के दौरान तीसरी सन्तान का जन्म होने सबंधी तथ्य को छिपाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग अन्तर्गत नवीन कैडर में माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति तथा शासकीय योजनाओं के तहत नियम सुविधाए का लाभ प्राप्त करना प्रमाणित पाया गया।

तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त

मामला सामने आने के बाद रंजीता साहू नौकरी गंवानी पड़ी।

बता दें कि मध्य प्रदेश में कोई भी उम्मीदवार जिसकी दो से अधिक जीवित संतान हैं, जिनमें से एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके बाद हो वह किसी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा। नियम शिक्षा विभाग में लागू है।


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meena

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