ईरान युद्ध के बीच खाद के दाम बढ़ेंगे या नहीं? सरकार ने आखिर बता दी सच्चाई
Saturday, Apr 11, 2026-02:02 PM (IST)
MP DESK: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच हालिया टकराव ने वैश्विक बाजार में हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन इसका असर भारत के किसानों पर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने साफ कर दिया है कि देश में खाद की कीमतें स्थिर रहेंगी और किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार किसानों को राहत देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यूरिया का एक बैग 266 रुपये और डीएपी 1350 रुपये में ही मिलता रहेगा। इसके लिए सरकार अतिरिक्त खर्च खुद वहन कर रही है, ताकि खेती की लागत न बढ़े।
किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने खाद सब्सिडी के लिए 41,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट को मंजूरी दी है। इससे देशभर में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं, खाद के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार अब “किसान ID” आधारित नई प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। इस सिस्टम के तहत हर किसान की जमीन, फसल और परिवार से जुड़ी जानकारी एक ही आईडी से लिंक होगी। इससे यह तय किया जा सकेगा कि किस किसान को कितनी खाद की जरूरत है।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल असली किसानों तक सही मात्रा में खाद पहुंचेगी, बल्कि जमाखोरी और गैर-कृषि उपयोग पर भी लगाम लगेगी। अब तक देश के 13 करोड़ किसानों में से करीब 9.29 करोड़ किसान इस सिस्टम से जुड़ चुके हैं और बाकी को भी जल्द जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बीच भी सरकार किसानों को राहत देने के मूड में है और साफ संकेत है कि खेती पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा।

