सरकारी कामकाज में देरी पर अधिकारियों से वसूला जा रहा जुर्माना, कलेक्टर ने खुद भी भरा जुर्माना
Thursday, Oct 08, 2026-05:16 PM (IST)
मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में शासकीय कार्यों के निराकरण में अनावश्यक विलंब रोकने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू की गई है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो की इस पहल के तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। विशेष बात यह है कि कलेक्टर ने स्वयं अपने कार्यालय से संबंधित तीन फाइलों के समय पर निराकरण नहीं होने पर जुर्माना भरा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने गुरुवार को बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों से जुड़े कार्यों और शिकायतों का निर्धारित अवधि में निराकरण सुनिश्चित करना है।
शासन और मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिला स्तर पर प्राप्त होने वाली मांगों एवं शिकायतों का समय-सीमा के भीतर समाधान किया जाए। विशेष रूप से सिटीजन चाटर्र और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने अथवा निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध जुर्माना की कारर्वाई की जा रही है। जिले में इस व्यवस्था के तहत हाल ही में दो से तीन विभागों के अधिकारियों पर समय पर कार्य पूरा नहीं करने के कारण जुर्माना लगाया गया है।
कलेक्टर तोपनो ने बताया कि उन्होंने इस व्यवस्था को स्वयं पर भी लागू किया है। मुंगेली में पदभार ग्रहण करने के दौरान उनके अपने कार्यालय से संबंधित तीन फाइलों का निराकरण निर्धारित समय पर नहीं हो पाया था। इसके लिए उन्होंने स्वयं जुर्माना जमा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा से जुड़े कार्यों में पद या वरिष्ठता के आधार पर किसी को छूट नहीं दी जा सकती। नियम सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए समान रूप से लागू हैं।
उनका कहना है कि सेवा कार्य में कोई बड़ा या छोटा नहीं होता और नियम सभी के लिए समान है। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाना, कार्यों में अनावश्यक विलंब रोकना और नागरिकों को निर्धारित समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

