राजेश अग्रवाल सुसाइड केस में 6 रसूखदारों पर FIR, मोबाइल और सुसाइड नोट से खुल सकते हैं कई बड़े राज..
Tuesday, Jun 02, 2026-04:27 PM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : शहर के चर्चित राजेश अग्रवाल आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सट्टेबाजों और अवैध सूदखोरों के कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सुसाइड नोट और मर्ग जांच के आधार पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस अब मृतक के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में ओरछा रोड थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित उर्फ छोटू पटेरिया, अनवर खान, शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई और मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट को पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण), धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। उपनिरीक्षक दीपक कुमार यादव ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लेखराज मीणा के मार्गदर्शन में मामले की विस्तृत जांच की, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। थाना प्रभारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है।

मोबाइल की कॉल डिटेल और चैट से खुल सकते हैं कई राज
पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और सुसाइड नोट पहले ही जब्त कर लिया था। सूत्रों के अनुसार मोबाइल की कॉल डिटेल्स, चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में शहर में सक्रिय सट्टेबाजी और ऊंचे ब्याज पर लेन-देन करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी गहन जांच कर रही है।
कार्रवाई से सटोरियों और सूदखोरों में हड़कंप
इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और पुलिस की सक्रियता के बाद शहर में सक्रिय अन्य सटोरियों और अवैध सूदखोरों के बीच हड़कंप की स्थिति है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

