स्मार्ट मीटर लगवाने के बाद भारी भरकर बिजली बिल देख चकराए पूर्व ADM,कहा- कभी मेरा बिल 2 हजार से अधिक नहीं आया
Saturday, Jun 06, 2026-02:49 PM (IST)
भोपाल(इज़हार ख़ान): MP मे स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, अब राज्य प्रशासनिक सेवा के एक पूर्व अधिकारी ने भी इसे लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी,पूर्व एडीएम विनोद कुमार चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा तंज कसा है।
बोले- मेरा अधिकतम बिल कभी भी 2000 रुपये से ज्यादा नहीं आया

पूर्व एडीएम विनोद कुमार चतुर्वेदी ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में बताया कि उनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद जो पहला बिल आया है, उसने उन्हें हैरान कर दिया है। उन्होंने लिखा, ‘स्मार्ट मीटर लगने के बाद पहला बिल आया है 9999 रुपये। जबकि अब तक का मेरा अधिकतम बिल कभी भी 2000 रुपये से ज्यादा नहीं आया।’
इस भारी-भरकम बिल को देखकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, यानी हम वाकई 'स्मार्ट' बन गए हैं। मैंने अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है, अब देखते हैं कि विभाग अपनी गलती मानता है या नहीं।
पहले भी जताई थी चिंता
चतुर्वेदी ने इससे पहले 7 मई को भी स्मार्ट मीटर के इंस्टॉलेशन पर एक पोस्ट साझा की थी। तब उन्होंने मीटर के स्मार्ट होने पर कटाक्ष करते हुए लिखा था,धीरे-धीरे हम भी स्मार्ट होते जा रहे हैं स्मार्ट फोन और स्मार्ट मीटर। इसका लाभ-हानि तो अभी पता नहीं, लेकिन बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग पर लगे मीटर रीडर जरूर बेरोजगार हो जाएंगे।एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह की सार्वजनिक शिकायत यह दर्शाती है कि आम जनता के साथ-साथ सेवानिवृत्त अधिकारी भी नई तकनीक के क्रियान्वयन (implementation) में आ रही विसंगतियों से परेशान हैं। बिलिंग में अचानक आई इस अत्यधिक बढ़ोतरी ने स्मार्ट मीटर की सटीकता और विभाग की बिलिंग प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

