सोना खरीदने का सही मौका? रिकॉर्ड ऊंचाई से ₹31,000 सस्ता हुआ गोल्ड, जानें ताजा रेट्स
Saturday, Apr 04, 2026-01:26 PM (IST)
भोपाल। वैश्विक अस्थिरता के बीच जहां आमतौर पर सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, वहीं इस बार तस्वीर थोड़ी अलग नजर आ रही है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान टकराव के बावजूद भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, MCX पर सोना करीब 1,49,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो इसके रिकॉर्ड स्तर 1,80,779 रुपये से लगभग ₹31,000 कम है। यानी सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 17% नीचे कारोबार कर रहा है।
क्यों फीकी पड़ी ‘सेफ हेवन’ की चमक?
आमतौर पर युद्ध या अनिश्चितता के समय निवेशक सोने की ओर भागते हैं, लेकिन इस बार शुरुआती तेजी के बाद बाजार का रुख बदल गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान के बाद निवेशकों का भरोसा डगमगाया है, जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई।
डॉलर और कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव
सोने की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह मजबूत होता अमेरिकी डॉलर और महंगा होता कच्चा तेल है।
डॉलर मजबूत होने से सोना खरीदना महंगा पड़ता है ,कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई की चिंता बढ़ती है,इन दोनों कारकों ने मिलकर सोने की मांग को दबा दिया है।
अमेरिका की मजबूत अर्थव्यवस्था का असर
हाल के आर्थिक आंकड़े, खासकर रोजगार (NFP) डेटा, यह संकेत दे रहे हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है। इससे यह संभावना बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखेगा, जो सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश को कम आकर्षक बनाता है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विशेषज्ञों के अनुसार: अगले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। बाजार की दिशा अब काफी हद तक वैश्विक घटनाओं और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए संकेत
मौजूदा गिरावट को कुछ विशेषज्ञ खरीदारी का मौका मान रहे हैं, लेकिन साथ ही सावधानी बरतने की भी सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार अभी भी अस्थिर है। कुल मिलाकर, सोना फिलहाल सस्ता जरूर हुआ है, लेकिन इसमें निवेश का फैसला सोच-समझकर और बाजार के संकेतों को ध्यान में रखकर ही करना बेहतर होगा।

