अधिकारियों पर कोर्ट को छलने के आरोप! कलेक्टर-संभागायुक्त के खिलाफ जांच के आदेश, जानें पूरा मामला

Tuesday, Feb 24, 2026-03:01 PM (IST)

ग्वालियर : ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष से जुड़े मामले में राज्य सरकार और उसके अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार अदालत को गुमराह करने की कोशिश कर रही है और संबंधित अधिकारियों को बचाने में लगी हुई है। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया।

नगर परिषद चुनाव से जुड़ा विवाद

मामला श्योपुर नगर परिषद के चुनाव से संबंधित है। अंतरिम आदेश के चलते निर्वाचित प्रतिनिधि फिलहाल पद से बाहर हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से मामले की सुनवाई को बार-बार टालने की कोशिश किए जाने का आरोप है। कोर्ट ने इसे “अजीबोगरीब स्थिति” बताते हुए कहा कि एक तरफ जनप्रतिनिधि पद से बाहर हैं, दूसरी ओर सरकार समय खींचने में लगी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस रिवीजन याचिका का शीघ्र निपटारा चाहती है, लेकिन अधिकारियों के रवैये से कार्यवाही प्रभावित हो रही है।

कमिश्नर की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुरेश कुमार, कमिश्नर चंबल संभाग, की कार्यशैली को ‘धोखाधड़ीपूर्ण’ बताते हुए कड़ी निंदा की। अदालत ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि श्योपुर कलेक्टर (रिटर्निंग ऑफिसर) और कमिश्नर की भूमिका की जांच कराई जाए। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अब राजस्व संभाग के कमिश्नर स्तर के अधिकारियों से निष्पक्षता की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए?

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक शेयर करने पर फटकार

सुनवाई के दौरान कमिश्नर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर लिंक अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा कर दिया। कोर्ट ने इसे न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप मानते हुए गंभीर आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि बिना अनुमति लिंक साझा करना रिकॉर्डिंग या अन्य अनुचित उद्देश्य की आशंका पैदा करता है। इसके बाद कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया।


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meena

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