ग्वालियर स्टेशन का बदलेगा नाम? BJP सांसद ने संसद में उठाई मांग, लेकिन सिंधिया समर्थकों ने जताया विरोध!
Sunday, Mar 22, 2026-02:39 PM (IST)
ग्वालियर। (अंकुर जैन): मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नामकरण बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। स्टेशन के नाम को लेकर अब विवाद संसद से लेकर सड़क तक पहुंच गया है और इस पर जमकर राजनीति हो रही है। ग्वालियर के सांसद भरत सिंह कुशवाहा ने संसद में मांग उठाई है कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन का नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर रखा जाए। इस मांग के सामने आते ही शहर का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
अटल बिहारी वाजपेई का ग्वालियर से गहरा संबंध रहा है, ऐसे में उनके नाम पर स्टेशन का नाम रखने की मांग को भाजपा समर्थक ऐतिहासिक और सम्मानजनक कदम बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक भी सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे सियासी समीकरण और जटिल हो गए हैं। बयानबाजी का दौर तेज हो चुका है और हर पक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटा है।
वहीं, ओबीसी महासभा ने भी इस मुद्दे में एंट्री करते हुए अपने समाज के महापुरुषों के नाम पर स्टेशन का नाम रखने की मांग कर दी है। इससे यह विवाद अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक रूप भी ले चुका है।
शहर के आम नागरिकों के बीच भी इस मुद्दे पर मतभेद साफ नजर आ रहे हैं। कुछ लोग ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने के पक्ष में हैं, तो कुछ नए नाम के समर्थन में अपनी राय दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें राजनीतिक हितों के साथ-साथ सामाजिक समीकरण भी जुड़े हुए हैं।
फिलहाल, ग्वालियर रेलवे स्टेशन के नामकरण को लेकर फैसला केंद्र और राज्य सरकार के पाले में है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस ऐतिहासिक स्टेशन को कौन सा नया नाम दिया जाएगा—या फिर इसका पुराना नाम ही बरकरार रहेगा।

