मध्य प्रदेश में सबूत मिटाने वाले सरकारी मुलाजिमों पर बड़ा एक्शन, आ​धा दर्जन अधिकारी, कर्मचारी निलंबित

Tuesday, Feb 24, 2026-10:17 PM (IST)

(नर्मदापुरम): मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही, भ्रष्टाचार और गुमराह करने की गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी है। ताजा कार्रवाई अब नर्मदापुरम में हुई है जहां पर 6 अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। सरकारी अमले में इस सर्जिकल स्ट्राइक से हड़कंप है। नर्मदापुरम में हुई इस कार्रवाई में  6 अधिकारी, कर्मचारियों पर निलंबिन की गाज गिरी है। दरअसल  जिले के सिवनी-मालवा में काले हिरणों के शिकार के मामले में यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है।

यह घटना 21 जनवरी की है। स घटना में संलिप्त वन अधिकारी, कर्मचारियों ने चाल चलते हुए हिरणों की मौत को  प्राकृतिक मौत बताने की कोशिश की और सबूतों को तबाह कर दिया। लेकिन जब जांच हुई तो हकीकत सामने आई और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नर्मदापुरम डीएफओ ने फॉरेस्ट ऑफिसर सहित कर्मचारियों को निलंबित करके दायित्व का कठोर पाठ पठाया।

क्या है मामला?

दरअसल सिवनी मालवा में दो काले हिरणों के शिकार का मामला सामने आया था। इस मामले में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौतों को नेचुरल मौत दिखाने की कोशिश की। लेकिन जब शक हुआ तो विभाग ने जांच की और सारा सच सामने आ गया।  वन विभाग के ही कुछ अधिकारी, कर्मचारी इसमें  संलिप्त पाए गए । डीएफओ ने 6 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।

किस-किस पर गिरी गाज?

इस मामले में परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी मालवा आशीष रावत, वनपाल महेश गौर, वनरक्षक मनीष गौर, रूपक झा, ब्रजेश पगारे के साथ ही पवन उइके को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मामले में आगे की जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक 21 जनवरी को सिवनी मालवा के पास बासनिया गांव में 2 काले हिरण मिले थे।  लिहाजा इस कार्रवाई को एक बड़ी कार्रवाई  समझा जा रहा है और इस एक्शन से हलचल मची है।

 


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Content Editor

Desh Raj

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