2 करोड़ जुटाने के लिए लाडली बहनों के खातों में से कट सकते हैं पैसे! हाईकोर्ट में उठी मांग, जानिए पूरा मामला
Thursday, Jun 18, 2026-04:04 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी) : गंभीर और दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 से पीड़ित साढ़े तीन साल की बच्ची अनिका के इलाज के लिए 9 करोड़ रुपये कीमत के इंजेक्शन की मांग अब हाईकोर्ट पहुंच गई है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताया गया कि बच्ची के इलाज के लिए क्राउड फंडिंग और सामाजिक सहयोग से अब तक करीब 7 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी 2 करोड़ रुपये की जरूरत है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की करीब सवा करोड़ महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सहायता दे रही है। यदि सिर्फ एक महीने के लिए प्रति हितग्राही 2 रुपये कम कर दिए जाएं, तो अनिका के इलाज के लिए जरूरी राशि जुटाई जा सकती है।

इस पर जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने सरकार की ओर से मौजूद वकील से मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा, "क्या यह बच्ची लाड़ली बहना नहीं है?" हालांकि सरकार की ओर से इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता चंचल गुप्ता और लखन शर्मा ने बताया कि द्वारकापुरी निवासी अनिका को SMA टाइप-2 नाम की दुर्लभ बीमारी है। इसके इलाज के लिए जोलगेन्स्मा (Zolgensma) नामक इंजेक्शन लगाया जाता है, जिसे दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में गिना जाता है। इसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये है।

वकीलों ने कोर्ट को यह भी बताया कि बच्ची पिछले कई महीनों से केवल तरल आहार पर है। इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन की एक शर्त यह है कि मरीज का वजन 13 किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए। ऐसे में परिवार के सामने बच्ची का वजन नियंत्रित रखना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। बीमारी लगातार बढ़ रही है, इसलिए जल्द इलाज बेहद जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की है।

