आंगनबाड़ी भर्ती पर सियासत तेज: छतरपुर DPO के स्टिंग के बाद कमलनाथ ने उठाए सवाल, पूरे प्रदेश में जांच की मांग
Thursday, Aug 06, 2026-08:04 PM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) के कथित रिश्वतखोरी से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की 2,548 पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया विवादों में आ गई है। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग पर निशाना साधते हुए पूरे प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मीडिया पर वायरल हो रहे कथित स्टिंग वीडियो में छतरपुर के DPO भर्ती प्रक्रिया के दौरान रिश्वत की राशि को लेकर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि मेरिट सूची में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की अनदेखी कर पैसों के आधार पर अपात्र उम्मीदवारों का चयन किया गया।

कमलनाथ ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है तो इसकी जांच केवल छतरपुर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे प्रदेश में हुई 2,548 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि इससे योग्य और आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।
विपक्ष की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने पूरे प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच, वायरल स्टिंग वीडियो में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई तथा जिन जिलों में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, वहां मेरिट सूची की दोबारा पारदर्शी समीक्षा कर वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।
प्रशासनिक पक्ष
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका चयन की प्रक्रिया जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति के माध्यम से संचालित होती है। विवाद सामने आने के बाद प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने शिकायतों के आधार पर जांच और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। वहीं मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।

