Punjab Kesari MP ads

पद पर बैठे BJP नेता का फूटा दर्द! नगर निगम आयुक्त को लेकर सोशल मीडिया पर CM से कही ऐसी बात कि मच गई चर्चा

Saturday, May 30, 2026-02:24 PM (IST)

ग्वालियर (अंकुर जैन): मध्य प्रदेश के ग्वालियर की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सत्ता संगठन और प्रशासनिक तंत्र के रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। भारतीय जनता पार्टी के ग्वालियर महानगर जिला उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया के करीबी माने जाने वाले कंवर किशोर मंगलानी ने नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के कार्य व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर दी है।

मंगलानी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया कि वे पिछले कई दिनों से अपनी समस्या के संबंध में नगर निगम आयुक्त से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने आयुक्त को फोन कॉल किए, व्हाट्सएप संदेश भेजे और टेक्स्ट मैसेज भी किए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार उन्होंने अपनी शिकायत सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।

PunjabKesari

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट में मंगलानी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि निगम आयुक्त न तो फोन उठा रहे हैं और न ही संदेशों का जवाब दे रहे हैं। पोस्ट में मुख्यमंत्री कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी टैग किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि मामला केवल व्यक्तिगत संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब सार्वजनिक शिकायत का रूप ले चुका है।

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आमतौर पर सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों की बात प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता से सुने जाने की धारणा रही है, लेकिन एक भाजपा पदाधिकारी द्वारा खुले मंच से अपनी ही सरकार के प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जाहिर करना कई सवाल खड़े कर रहा है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय पर सवाल उठा सकते हैं।

हालांकि नगर निगम आयुक्त की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संपर्क न हो पाने के पीछे कोई तकनीकी या प्रशासनिक कारण था या फिर मामला वास्तव में अनदेखी का है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर सामने आई यह शिकायत ग्वालियर के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय या नगर निगम प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान किस तरह किया जाता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News