15 लोगों ने घेरकर पीटा, मोबाइल छीन लिया’, रोते हुए एक्टिविस्ट ने भाजपा विधायक गोलू शुक्ला पर लगाए आरोप
Thursday, Sep 17, 2026-01:53 PM (IST)
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक्टिविस्ट प्रहलाद पांडेय ने मारपीट और मोबाइल छीनने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रहलाद पांडेय का दावा है कि वे सार्वजनिक मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे थे, इसी दौरान करीब 15 लोग वहां पहुंचे और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया और रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे डिवाइस को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद प्रहलाद पांडेय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे भावुक नजर आ रहे हैं और अपनी आपबीती बताते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उनके लगाए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी संपत्ति को लेकर सवाल उठाने का दावा
प्रहलाद पांडेय के मुताबिक, वह पिछले करीब तीन महीनों से लगातार सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे उठा रहे थे। उनका कहना है कि इसी सिलसिले में वह लोगों के बीच जाकर जनप्रतिनिधियों से जुड़े सवाल सामने रख रहे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान विवाद की स्थिति बनी और कुछ लोग वहां पहुंचे। पांडेय का दावा है कि लोगों की संख्या करीब 15 थी और उन्होंने उनके साथ मारपीट की।
मोबाइल और रिकॉर्डिंग डिवाइस को नुकसान पहुंचाने का आरोप
एक्टिविस्ट ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि उनके साथ कथित मारपीट के दौरान मोबाइल फोन भी ले लिया गया। इसके अलावा जिस डिवाइस से वह वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, उसे भी तोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि रिकॉर्ड किया गया वीडियो डिलीट कर दिया गया। भावुक होकर उन्होंने कहा कि वह लगातार अन्याय के खिलाफ अपनी बात रखते रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब पूरे मामले में इंदौर की जनता ही तय करेगी कि सही और गलत क्या है।
विधायक पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
प्रहलाद पांडेय ने अपने आरोपों को बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला से जुड़े लोगों के खिलाफ बताया है। महत्वपूर्ण बात यह भी है कि प्रहलाद पांडेय की ओर से इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल मारपीट और अन्य आरोप शिकायतकर्ता के दावे के तौर पर ही सामने हैं।
पहले भी प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रहे पांडेय
प्रहलाद पांडेय इससे पहले भी प्रदर्शन को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस मामले में उन्हें जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। हाल ही में उनके जेल से बाहर आने की बात भी कही जा रही है। अब सोशल मीडिया पर सामने आए नए वीडियो के बाद इंदौर में यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस शिकायत और जांच के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

