पूर्व मंत्री बोले-मित्र होने के नाते मेरी विजयवर्गीय को सलाह है कि इस्तीफा देकर पितृ पर्वत पर बैठें, स्वाभिमानी मर्द की तरह जियो
Thursday, Jul 02, 2026-04:47 PM (IST)
इंदौर (सचिन बहरानी): मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर की कथित उपेक्षा और कैलाश विजयवर्गीय के पत्र को लेकर उन पर तंज कसे हैं और मित्र होने के नाते सलाह दी है। सज्जन वर्मा ने कहा है कि ढाई साल तक मंत्री रहने के बाद अब इंदौर की याद आना राजनीतिक मजबूरी को दर्शाता है। कैलाश विजयवर्गीय की आत्मा अब जाकर जागी है और पीड़ा भी झलकी है।
कैलाश विजयवर्गीय पितृ पर्वत पर बैठें, राजनीति के चक्कर में न पड़े- सज्जन
सज्जन वर्मा ने कहा कि जब स्थिति ऐसी हो जाए कि मंत्रीमंडल में आवाज नहीं सुनी जाए और उपेक्षा की जाए तो इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन उनको समझ में नहीं आया क्योंकि 6 महीने पहले मैने उनको ऐसा बोला था। मित्र होने के नाते मेरी कैलाश विजयवर्गीय को सलाह है कि वो पितृ पर्वत पर बैठें । कैलाश राजनीति के चक्कर में न पड़े , स्वाभिमानी मर्द के तरह जियो और इस्तीफा देकर पितृ पर्वत पर जाकर बैठो । वहां भगवान की पूजा करो और आम जनता की सेवा करें अपना ठिकाना वहां बना लें।
सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय को वास्तव में लगता है कि इंदौर की उपेक्षा हो रही है, तो उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देकर शहर की आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी, खराब सड़कें, ट्रैफिक अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार समाधान देने में विफल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मंत्रिमंडल में उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो स्वाभिमान के साथ पद छोड़ देना चाहिए। वर्मा ने पितृ पर्वत और राम मंदिर चंदा विवाद का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा। लिहाजा सज्जन वर्मा ने कैलाश विजयवर्गी को इस्तीफा देकर पितृ पर्वत पर बैठने की सलाह दी है।

