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कर्ज की वसूली बनी विवाद की वजह! महिला के घर पहुंचीं दो महिलाएं, मारपीट के बाद सामान ले जाने का आरोप

Sunday, Aug 09, 2026-01:48 PM (IST)

दुर्ग/सुपेला। (हेमंत पाल): कर्ज की किश्त और ब्याज की राशि को लेकर विवाद के बाद एक महिला के घर पहुंचकर कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी देने और घर से सामान ले जाने के मामले में सुपेला पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे/निशानदेही से महिला के घर से ले जाए गए एक्टिवा वाहन, वाशिंग मशीन और मोबाइल फोन बरामद कर जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार कृपाल नगर, सड़क नंबर 06, कोहका निवासी बलजीत कौर ने सुपेला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आवश्यकता के चलते उन्होंने आरोपी सीमा यादव से अलग-अलग समय पर राशि उधार ली थी। इसके बदले सुरक्षा के रूप में बैंक के चेक और हस्ताक्षरित स्टाम्प दिए गए थे। प्रार्थिया का आरोप है कि राशि की किश्तें चुकाने के बावजूद सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक वापस नहीं किए गए और भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त राशि की मांग को लेकर दबाव बनाया गया।

19 जुलाई की घटना से बढ़ा विवाद

शिकायत के मुताबिक 19 जुलाई 2026 को आरोपी महिलाएं फरियादी महिला के घर पहुंचीं। यहां किश्त और ब्याज की राशि को लेकर विवाद हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा धमकी भी दी गई। आरोप है कि इसके बाद उसके घर से उसके पति के नाम पंजीकृत एक्टिवा, वर्लपूल कंपनी की वाशिंग मशीन और ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन ले जाया गया। शिकायत के आधार पर सुपेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 1138/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(2), 308(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पूछताछ के बाद सामान बरामद

पुलिस ने दोनों महिलाओं को थाने बुलाकर पूछताछ की। विवेचना के दौरान पुलिस को मिले तथ्यों और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर पीड़िता के घर से ले जाए गए सामान को अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया। पुलिस ने एक्टिवा, वाशिंग मशीन और मोबाइल फोन को विधिवत जब्त कर लिया।

जांच में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सीमा यादव, उम्र 36 वर्ष, निवासी वैशाली नगर और बबली साहू, उम्र 44 वर्ष, निवासी कोहका को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

सुरक्षा के लिए लिए गए चेक को लेकर भी सवाल

इस पूरे मामले में सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक और हस्ताक्षरित दस्तावेजों को वापस नहीं करने तथा किश्त में देरी के बाद कथित रूप से अतिरिक्त राशि की मांग किए जाने का आरोप भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार मामले में कर्ज और साहूकारी से संबंधित प्रावधानों की भी जांच की जा रही है।

कर्ज वसूली के तरीके पर पुलिस की नजर

पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ब्याज पर राशि देने के दौरान सुरक्षा के रूप में चेक और हस्ताक्षरित दस्तावेज अपने पास रखे जाते थे। किश्त के भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त राशि की मांग और विवाद की स्थिति में सामान अपने कब्जे में लेने का आरोप है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि निजी स्तर पर ब्याज पर राशि लेने-देने के मामलों में वैधानिक प्रक्रिया और दस्तावेजों की पूरी जानकारी रखें। यदि कोई व्यक्ति धमकी, मारपीट, जबरन सामान ले जाने या अवैध तरीके से धन की वसूली करता है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।


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Content Editor

Himansh sharma

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