LPG से लेकर पेट्रोल-डीजल तक संकट! 15 हजार सिलेंडर अटके, अफवाहों ने बढ़ाई टेंशन
Sunday, Mar 29, 2026-11:58 AM (IST)
भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। आम लोगों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही है। जिले में इस समय 15 हजार से ज्यादा LPG सिलेंडर की बुकिंग लंबित है, जबकि पेट्रोल-डीजल का स्टॉक भी तेजी से घट रहा है। प्रशासन की अपील के बावजूद लोग अफवाहों के चलते जरूरत से ज्यादा ईंधन और गैस जमा करने में जुटे हैं, जिससे स्थिति असामान्य हो गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि सप्लाई पूरी तरह सुचारू है, लेकिन पैनिक बाइंग के कारण कृत्रिम संकट जैसे हालात बन रहे हैं। सामान्य दिनों की तुलना में गैस बुकिंग पांच गुना और पेट्रोल-डीजल की खपत दो से ढाई गुना तक बढ़ गई है। यही वजह है कि जहां पहले पांच दिन का स्टॉक रहता था, अब वह तेजी से खत्म हो रहा है।
कालाबाजारी पर सख्त एक्शन
खाद्य विभाग की टीम ने शहर में अवैध रूप से गैस का भंडारण और बिक्री करने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है। घोड़ा नक्कास क्षेत्र में एक कैटरिंग संचालक के ठिकानों पर छापेमारी कर कुल 59 भरे हुए सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं, पीपल चौराहा और जवाहर चौक इलाके में भी कार्रवाई करते हुए कई घरेलू और छोटे सिलेंडर बरामद किए गए। आरोप है कि बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरकर महंगे दामों पर बेची जा रही थी।
पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी पर रोक
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल पंपों पर बोतल, कुप्पी या ड्रम में ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद लोग बड़ी मात्रा में ईंधन स्टोर करने के लिए तरह-तरह के कंटेनर लेकर पहुंच रहे हैं। इस पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
सप्लाई जारी, लेकिन बढ़ा इंतजार
अधिकारियों के मुताबिक जिले की 90 से ज्यादा गैस एजेंसियों को रोजाना 360 से अधिक सिलेंडर सप्लाई किए जा रहे हैं। इसके बावजूद ज्यादा उपभोक्ता वाली एजेंसियों में डिलीवरी में 5 से 7 दिन तक का समय लग रहा है। सामान्य तौर पर 2-3 दिन में सिलेंडर उपलब्ध हो रहा है, लेकिन बढ़ती मांग के कारण देरी हो रही है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करें। अधिकारियों का कहना है कि जिले में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है, केवल असामान्य मांग के कारण दबाव की स्थिति बनी हुई है।

