बिना प्रभारी मंत्री की मंजूरी के तबादलों पर बड़ा एक्शन: स्थानांतरण नीति के उल्लंघन पर अधिकारी निलंबित, मचा हड़कंप
Thursday, Jun 18, 2026-08:45 PM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : मध्यप्रदेश शासन की स्थानांतरण नीति का उल्लंघन कर तीन एएनएम के तबादले किए जाने के मामले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बिना ही तीन एएनएम के स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए गए थे। मामले की जांच में स्थापना लिपिक सहायक ग्रेड-2 बबीता खरे की भूमिका सामने आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, एएनएम रचना श्रीवास्तव, शबनम और रेखा निरंजन के तबादले प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बिना किए गए थे। यह आदेश राज्य शासन की स्थानांतरण नीति और निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत पाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने इसे प्रशासनिक अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना।
आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि स्थापना लिपिक बबीता खरे का कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सिविल सर्जन कार्यालय छतरपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
सीएमएचओ को दिए गए सख्त निर्देश
कार्रवाई के साथ ही कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भी निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि निलंबित कर्मचारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर 15 दिनों के भीतर कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए, ताकि विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
स्थानांतरण आदेशों को लेकर हुई इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि बिना सक्षम स्वीकृति के तबादला आदेश जारी होने के मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में विभागीय स्तर पर और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

