रिश्वतखोरी के आरोप में WCD अधिकारी सस्पेंड, कलेक्टर की सिफारिश पर कमिश्नर का बड़ा एक्शन; प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
Thursday, Aug 06, 2026-03:16 PM (IST)
छतरपुर: आंगनबाड़ी भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोपों में घिरे महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग के अधिकारी दिनेश दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा की सिफारिश पर सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
भर्ती के नाम पर रिश्वत लेने के लगे थे आरोप
जानकारी के अनुसार, दिनेश दीक्षित पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी दिलाने के बदले रिश्वत मांगने और लेने के गंभीर आरोप लगे थे। शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद कलेक्टर मृणाल मीणा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए निलंबन प्रस्ताव सागर संभाग आयुक्त को भेज दिया।
कमिश्नर ने तत्काल जारी किया निलंबन आदेश
कलेक्टर की सिफारिश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने दिनेश दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश जारी होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग सहित प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
नवागत कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार संभालने के साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। इस कार्रवाई को प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि शासकीय योजनाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

