BJP संगठन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! हितानंद शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 3 प्रचारकों की भी बदली भूमिका
Saturday, Jan 31, 2026-08:28 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री रहे हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी बदल दी गई है। उन्हें RSS का मध्य क्षेत्र सह बौद्धिक प्रमुख नियुक्त किया गया है। उनकी नई कार्यस्थली जबलपुर तय की गई है। सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव संघ और भाजपा की दीर्घकालिक संगठनात्मक रणनीति के तहत किया गया है। हितानंद शर्मा मूल रूप से अशोकनगर (ग्वालियर-चंबल अंचल) के निवासी हैं और संघ पृष्ठभूमि के कारण संगठन में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।
तीन प्रचारकों की जिम्मेदारी भी बदली
इसी फेरबदल के तहत RSS के तीन अन्य प्रचारकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं—
सुरेंद्र मिश्रा को पूर्व सैनिक सेवा परिषद की जिम्मेदारी
मुकेश त्यागी को ग्राहक पंचायत का दायित्व
ब्रजकिशोर भार्गव को क्षेत्र गो सेवा प्रमुख नियुक्त किया गया है
इन बदलावों को संगठन के विस्तार और प्रभावी संचालन से जोड़कर देखा जा रहा है।
नए प्रदेश संगठन महामंत्री को लेकर अटकलें तेज
हितानंद शर्मा की जिम्मेदारी बदले जाने के बाद मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश संगठन महामंत्री को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
RSS से गहरा जुड़ाव, संगठन में रही अहम भूमिका
प्रदेश संगठन महामंत्री बनने से पहले हितानंद शर्मा सह संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
वर्ष 2020 में सह-संगठन महामंत्री,वर्ष 2022 में सुहास भगत के स्थान पर प्रदेश संगठन महामंत्री बने ,ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में RSS के भीतर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। संगठन में उन्हें अनुशासन, कैडर मैनेजमेंट और रणनीतिक क्षमता के लिए जाना जाता है।
तहसील प्रचारक से प्रदेश महामंत्री तक का सफर
हितानंद शर्मा का संगठनात्मक सफर बेहद अनुशासित और जमीनी रहा है।
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उनके कार्यकाल में बूथ सशक्तिकरण अभियान, माइक्रो-लेवल प्लानिंग और तकनीकी नवाचारों को जिस तरह लागू किया गया, वह भाजपा संगठन में एक नया प्रयोग माना गया।
चुनावी जीत के पीछे रणनीतिक भूमिका
विधानसभा चुनाव में ताबड़तोड़ जीत और लोकसभा चुनाव में 100 प्रतिशत सफलता (29 में 29 सीटें) के पीछे हितानंद शर्मा की पर्दे के पीछे की रणनीति को बड़ा कारण माना जाता है। भाजपा के लगभग सभी अभियानों की डिजिटल और तकनीकी मॉनिटरिंग उनके सिस्टम में अपडेट रहती थी।
10 साल विद्या भारती का अनुभव
भाजपा संगठन में आने से पहले हितानंद शर्मा ने करीब 10 वर्षों तक विद्या भारती के कार्यों को संभाला। शिक्षा और संगठन निर्माण के क्षेत्र में उनके अनुभव को संघ और भाजपा दोनों के लिए अहम माना जाता है।

