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मंदसौर में कॉलोनी अनुमतियों और आरक्षित भूमि की होगी जांच, कलेक्टर ने दिए संकेत

Saturday, Jun 13, 2026-10:52 PM (IST)

मंदसौर। (शाहरुख मिर्जा): मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में बुगलिया नाले के समीप स्थित नारायण नगर सिल्वर, नारायण नगर गोल्ड और मन्नत रेसिडेंसी कॉलोनी में कथित अनियमितताओं को लेकर जिला कलेक्टर अदिति गर्ग को शिकायत सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कॉलोनियों को विकसित कॉलोनी बताकर भूखंडों का विक्रय किया गया, जबकि स्वीकृत नक्शों में दर्शाए गए गार्डन और सार्वजनिक उपयोग की भूमि का वास्तविक स्वरूप मौके पर दिखाई नहीं देता।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जिन स्थानों को कॉलोनी विकास के दौरान बगीचे (गार्डन) के लिए आरक्षित बताया गया था, उन्हीं भूमि पर अब कथित रूप से मन्नत रेसिडेंसी नाम से नई प्लॉटिंग की जा रही है। आरोप है कि 2500 से 3500 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से प्लॉट बेचने की प्रक्रिया चल रही है तथा लगभग 30 प्रतिशत राशि लेकर बुकिंग भी की जा रही है।

कलेक्टर अदिति गर्ग को दिए गए आवेदन पत्र में आरोप लगाया गया है कि कॉलोनाइजर, भू-स्वामी, दलाल और कथित भू-माफिया आम नागरिकों को भ्रमित कर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासकीय बुगलिया नाले के आसपास की भूमि में भराव कर कॉलोनियां विकसित की गईं, जबकि सड़क, नाली, ड्रेनेज और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर आज भी सवाल बने हुए हैं।

PunjabKesariशिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि आरक्षित भूखंडों, कॉलोनी अनुमतियों, विक्रय पंजीयन, रेरा नियमों और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही राजस्व विभाग, नगर पालिका एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा मौके का निरीक्षण कर समस्त दस्तावेजों का परीक्षण किया जाए।

आवेदन में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं और कथित अवैध निर्माण एवं प्लॉट विक्रय पर तत्काल रोक लगाई जाए। जिला कलेक्टर अदिति गर्ग को सौंपे गए इस शिकायत पत्र के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

कलेक्टर अदिति गर्ग का जवाब

जिला कलेक्टर अदिति गर्ग ने कहा कि प्रशासन को प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है तो संबंधित विभागों से तथ्यात्मक जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कॉलोनी विकास, आरक्षित भूमि, स्वीकृत नक्शों और अन्य दस्तावेजों की जांच सक्षम विभागों द्वारा की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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Content Editor

Himansh sharma

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