MP में लाखों परिवारों को नहीं मिलेगा सरकारी राशन, रेड जोन में प्रदेश के 18 जिले, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
Saturday, Jan 31, 2026-01:44 PM (IST)
(सतना): देश के साथ ही मध्य प्रदेश में भी सरकारी राशन पर बडे जरुरतमंद लोगों के घर चलते हैं । इसी राशन पर कइयों के दो वक्त की रोटी मिलती है। लेकिन क्या आपको पता है कि प्रदेश भर के 18 जिले रेड जोन में रखे हैं, जहां गरीबी रेखा में पात्रता के बावजूद लाखों परिवारों को सरकारी राशन नहीं मिलेगा।
गरीबी रेखा में पात्रता के बावजूद कई परिवार आज भी सरकारी खाद्यान्न से वंचित हैं। लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर भी आप चौंक जाएंगे। वजह कोई बहुत बड़ी नहीं है। वजह है ई-केवाइसी की धीमी रफ्तार, जी हां इसी धीमी रफ्तार की वजह से ये संकट पैदा हुआ है। ई-केवाइसी पूरी न होने के कारण पात्र सदस्यों के नाम से खाद्यान्न पात्रता पर्ची जारी नहीं हो सकी। और सरकारी राशन के मिलने पर संकट आ गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि मध्य प्रदेश के 55 जिलों में करीब 5.79 लाख नए सदस्य खाद्यान पात्रता में शामिल तो किए गए, लेकिन आगे की प्रोसेस काफी ढीली है। इनमें से महज 26 हजार के ही ई-केवाइसी पूरी हो सकी है। जबकि पुराने कार्डधारियों में 5.44 लाख परिवारों के सदस्यों के नाम बढ़ाए गए, लेकिन इनमें से भी सिर्फ 24 हजार की ई-केवाइसी हो सकी है। तो इस तरह से प्रदेश में कुल 11.23 लाख सदस्य बढ़ें, जिनमें 50 हजार सदस्यों की ही ई-केवाइसी हो सकी है। तो आप हिसाब लगा सकते हैं कि के वाईसी का काम किस गति से चला है।
आपको बता दें कि पूरे प्रदेश में 18 जिले रेड जोन में रखे हैं जिनमें नरसिंहपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, सिंगरौली, रतलाम अनूपपुर, आलीराजपुर, डिंडोरी, पांढुर्णा, उमरिया, निवाड़ी, मऊगंज, मंडला, बड़वानी, आगर मालवा, हरदा, नीमच, और सीधी हैं।
वहीं सतना की स्थिति जानकर तो आप चौंक जाएंगे। यहां 13 हजार नए पात्र सदस्यों को राशन लाभ मिलना है, लेकिन अभी 390 सदस्यों की ई-केवाइसी हो पाई है। तो इसी वजह से गरीबी रेखा में पात्रता के बावजूद लाखों परिवारों को सरकारी राशन नहीं मिलेगा।

