Women day 2022: रीवा की रंजना होंगी सम्मानित, चित्रकला से फैलाई थी जागरूकता, 19 प्रभावशाली महिलाओं में भी शुमार

3/8/2022 5:00:41 PM

रीवा (सुभाष मिश्रा): अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रीवा की आशा कार्यकर्ता रंजना द्विवेदी को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी सम्मानित करेंगे। रंजना को ये सम्मान कोरोना काल के दौरान किए गए उनके अद्वितीय कार्य के लिए दिया जाएगा। रंजना ने अपनी पेंटिंग के जरिए गांव के लोगों को कोरोना संक्रमण को लेकर जागरूक किया और वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया। रीवा की रंजना के उनके बेहतरीन काम के लिए लोग उन्हें सलाम करते हैं।

चित्रकला से फैलाई जागरूकता 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में रीवा की आशा कार्यकर्ता रंजना द्विवेदी को स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। जिले के जवा विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत गुरगुदा गांव की आशा कार्यकर्ता रंजना द्विवेदी ने कोरोना संक्रमण को लेकर गांव के लोगों को चित्रकला के माध्यम से जागरूक किया था। जिसके बाद रंजना के बनाए पोस्टर देश-विदेश में धूम मचा रहे थे। अंतरराष्ट्रीय संस्था एनपीआर डॉट ओआरजी ने इस जागरूकता अभियान को लेकर रंजना द्विवेदी का नाम विश्व की विश्व की 19 प्रभावशाली महिलाओं में शामिल किया था। इसके साथ ही वो इस सूची में पहली 3 प्रभावशाली महिलाओं में शुमार है।

स्वास्थ्य मंत्री करेंगे सम्मानित

कोरोना महामारी से बचाव के लिए जागरूकता किसी रामबाण से कम नहीं। इसी का बीड़ा उठाया था, जवा जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत गुदगुदा गांव की आशा कार्यकर्ता रंजना द्विवेदी ने। जिन्होंने अपनी चित्रकला के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और टीकाकरण के फायदे समझाए। रंजना ने बताया कि जो लोग वैक्सीनेशन को लेकर आक्रामक थे। उन्होंने ना सिर्फ रंजना द्विवेदी की बातों को सुना बल्कि टीके भी लगवाए। जिसका नतीजा ये है कि आज उनका गांव कोरोना मुक्त है। अब उनके काम को सम्मान मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री उन्हें सम्मानित करेंगे। उन्होंने चित्रकला से कोरोना काल में जागरूकता फैलाने का काम किया। 

रीवा की रंजना होंगी सम्मानित

2011 में रंजना द्विवेदी ने आशा कार्यकर्ता के तौर पर काम करना शुरू किया था। शुरुआत में टीकाकरण को लेकर उन्हें कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ी। लेकिन बाद में उन्होंने अपने पोस्टरों के माध्यम से गांव की महिलाओं को जागरूक किया। टीकाकरण, पोलियो जैसी कई बीमारियों की जानकारियां दी। तब कहीं जाकर रंजना गांव की महिलाओं का भरोसा जीतने में कामयाब हुई। आशा दीदी, रंजना द्विवेदी के कार्य को देखते हुए लोग उन्हें अपना आदर्श मानने लगे। इतना ही नहीं रंजना द्विवेदी के कार्य से प्रभावित होकर गुरगुदा गांव की एक महिला ने अपने बच्चे का नाम ही रंजना रख दिया।

हर बाधा का किया डटकर मुकाबला 

आशा कार्यकर्ता रंजना रोज सुबह अपने गांव से निकलकर दुर्गम रास्तों से होते हुए अपने कार्यक्षेत्र पहुंचती हैं। कठिनाइयों के बाद भी उन्होंने अपने काम को नहीं छोड़ा और लगातार लोगों की देखभाल में जुटी रही। गुरगुदा गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बिजली-पानी और सड़क की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। ऐसे में नदी पार करके लोगों की मुश्किलों को आसान करने के लिए रंजना द्विवेदी ने आशा कार्यकर्ता का काम जारी रखा। रंजना ने बताया कि क्षेत्र में कार्य करने के लिए उन्हें नदी पार कर के जाना पड़ता है। ऐसे में कई बार वह नाव से गहरे पानी में गिरी। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना काम जारी रखा है.।

19 प्रतिभाशाली महिलाओं में रंजना शामिल

रंजना के इसी हौसले ने आज उन्हें जिला स्तर पर पहचान दिलाई है। कोरोना काल में लोगों को जागरूक करने वाली रंजना द्विवेदी का नाम 19 प्रतिभाशाली महिलाओं में शामिल है। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन की विश्वस्तरीय संस्था एनपीआर डॉट ओआरजी ने दुनिया की 19 प्रभावशाली महिलाओं में रंजना द्विवेदी का नाम शामिल किया था। बाद में 19 में से 7 सबसे ज्यादा प्रभावशाली महिलाओं की लिस्ट अलग की गई और फिर 7 में से 3 प्रभावशाली महिलाओं का चयन किया गया। जिसमें देश और प्रदेश के रीवा की एकमात्र आशा कार्यकर्ता रंजना द्विवेदी का नाम शामिल था। दूसरी महिला आइसलैंड की डॉ. अल्मा डी मोलर औऱ तीसरी महिला शीबा सफाक अफगानिस्तान से थी। 


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News Editor

Devendra Singh

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