Punjab Kesari MP ads

दीपावली पर मां ने दिया सबसे बड़ा उपहार - लीवर देकर बचाई बेटे की जान

Monday, Oct 20, 2025-05:27 PM (IST)

सिवनी। कहते हैं मां का प्यार ईश्वर के सबसे करीब होता है — इसका जीता-जागता उदाहरण सिवनी जिले में देखने को मिला है। यहां 40 साल की एक मां ने दीपावली से एक दिन पहले अपने 10 साल के बेटे को सबसे अनमोल तोहफा दिया — नई जिंदगी का तोहफा। बेटे का लीवर 80 प्रतिशत तक खराब हो चुका था। जब डॉक्टरों ने लीवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी, तो मां गीता सनोडिया बिना किसी झिझक के बेटे को अपना लीवर देने के लिए तैयार हो गईं। सौभाग्य से मां और बेटे का लीवर मैच हुआ, और रविवार को दिल्ली के नारायणा अस्पताल में सफल ट्रांसप्लांट किया गया।

बेटी को पहले ही खो चुका परिवार

सिवनी जिले के जमुनिया गांव के किसान तेजलाल सनोडिया की दो संतानें थीं — एक बेटा और एक बेटी। लेकिन कुछ साल पहले 10 साल की बेटी की मौत लीवर फेल होने से हो गई थी। उसी उम्र में अब बेटे शौर्य को भी पेट दर्द की शिकायत रहने लगी। जांच के बाद पता चला कि उसका लीवर 80 प्रतिशत तक खराब है।

22 लाख का खर्च, मां बनी संबल

हैदराबाद के अस्पताल ने इलाज का खर्च 40 लाख बताया, जो परिवार की पहुंच से बाहर था। बाद में दिल्ली के नारायणा अस्पताल में 22 लाख रुपए में ट्रांसप्लांट संभव बताया गया। मां ने तुरंत लीवर डोनेट करने का फैसला किया।

परिवार ने 15 लाख रुपए उधार लेकर और 2 लाख जनसहयोग से जुटाकर इलाज करवाया। अब भी इलाज का खर्च जारी है और परिवार जनसहयोग की उम्मीद कर रहा है।

मां का संदेश – "बेटे की मुस्कान ही मेरी दीवाली है"

ऑपरेशन के बाद अस्पताल में गीता सनोडिया ने कहा —

“मेरे लिए दीपावली का सबसे बड़ा उपहार यही है कि मेरा बेटा ठीक हो रहा है। उसकी मुस्कान ही मेरी दीवाली है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Himansh sharma

Related News