BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल! 10 दिन में होंगी सभी नियुक्तियां, इन नामों पर तेज हुआ मंथन
Wednesday, Sep 02, 2026-03:45 PM (IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश भाजपा संगठन अब आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपनी अधूरी संगठनात्मक कवायद को जल्द पूरा करने की तैयारी में है। ओरछा में हुई प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी ने जिला स्तर पर लंबित नियुक्तियों को लेकर समयसीमा तय कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि शेष संगठनात्मक नियुक्तियों को अगले 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। पार्टी की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद उन जिलों में गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां अभी तक नगर कार्यकारिणी, विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों की जिम्मेदारियां पूरी तरह तय नहीं हो पाई हैं। जिन जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है, वहां अब उनकी टीम के गठन पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
इंदौर में भी संगठन ने बढ़ाई रफ्तार
प्रदेश नेतृत्व की समयसीमा सामने आने के बाद इंदौर भाजपा में भी संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने अलग-अलग मोर्चों और नगर कार्यकारिणी के लिए नामों को लेकर कवायद शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, अनुसूचित जाति मोर्चा की संभावित टीम से जुड़ी सूची प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाई जा चुकी है। वहीं अनुसूचित जनजाति और किसान मोर्चा की टीम को लेकर भी नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। नगर कार्यकारिणी के लिए भी संभावित चेहरों पर मंथन जारी है। इनमें पार्टी के पूर्व प्रवक्ता उमेश शर्मा, गोविंद मालू और नरेंद्र सलूजा जैसे नामों की चर्चा है।
पांच मोर्चों में नियुक्तियां पूरी, दो पर फैसला बाकी
इंदौर नगर भाजपा में अब तक सात में से पांच मोर्चों के अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है। ऐसे में सबसे ज्यादा नजर अब युवा मोर्चा और अल्पसंख्यक मोर्चा की नियुक्तियों पर है।
युवा मोर्चा के लिए करीब 11 नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश स्तर पर भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि संगठन के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरणों के कारण इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका है। करीब एक महीने से मामला प्रदेश स्तर पर लंबित बताया जा रहा है। दूसरी ओर, अल्पसंख्यक मोर्चा को लेकर स्थिति और पेचीदा बनी हुई है। प्रदेश स्तर पर ही मोर्चा अध्यक्ष के नाम पर निर्णय बाकी होने के कारण जिला और नगर स्तर की नियुक्तियां भी आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
स्थानीय चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की तैयारी
भाजपा के लिए आने वाला समय संगठनात्मक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय निकाय चुनावों की आहट के बीच पार्टी चाहती है कि बूथ से लेकर जिला और नगर स्तर तक संगठन की जिम्मेदारियां स्पष्ट हों और कार्यकर्ताओं को चुनावी भूमिका के लिए तैयार किया जा सके।
इसी वजह से प्रदेश नेतृत्व ने लंबित नियुक्तियों को अब ज्यादा समय तक टालने के बजाय उन्हें जल्द पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अगले 10 दिन इंदौर समेत उन जिलों के लिए अहम माने जा रहे हैं, जहां संगठन की कुछ जिम्मेदारियां अभी भी खाली हैं। अब देखना होगा कि इस समयसीमा के भीतर किन चेहरों को जिम्मेदारी मिलती है और किन नामों पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपनी मुहर लगाता है।

