निगम-मंडलों की सूची के बाद MP में हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, इन दिग्गज नेताओं को मिल सकता है मौका, देखें नाम
Thursday, Apr 23, 2026-06:43 PM (IST)
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की कुछ दिन पहले दिल्ली में पार्टी आलाकमान के साथ हुई बैठकों के बाद अब सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर बड़े बदलाव की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही मोहन कैबिनेट का विस्तार हो सकता है, जिसमें चार से पांच नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
प्रदेश में फिलहाल 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल कार्यरत है, जबकि चार पद अब भी खाली हैं। ऐसे में भाजपा सरकार 2028 विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही पार्टी “गुजरात फॉर्मूला” भी लागू कर सकती है, जिसके तहत कई वरिष्ठ और अनुभवी विधायकों को दोबारा मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सूत्रों की मानें तो गोपाल भार्गव सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। नौ बार विधायक रह चुके भार्गव का अनुभव उन्हें सबसे आगे खड़ा करता है। वहीं इंदौर से मालिनी गौड़ को महिला चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। सिंधिया समर्थक खेमे से बृजेंद्र सिंह यादव का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, अर्चना चिटनीस और कमलेश शाह जैसे नाम लगातार राजनीतिक गलियारों में तैर रहे हैं।
इधर निगम-मंडलों में नियुक्तियों का दौर भी शुरू हो चुका है। भाजपा संगठन में लगातार नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और कई नेताओं को पदों पर एडजस्ट किया जा रहा है। संगठन और सरकार—दोनों स्तर पर चल रही इस सक्रियता को देखते हुए अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार ज्यादा दूर नहीं है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बार केवल खाली पद भरने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बड़ा संदेश देने की तैयारी में है। ऐसे में कुछ नए चेहरों की एंट्री के साथ कुछ पुराने चेहरों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है। अब सबकी नजर दिल्ली से आने वाले अंतिम संकेत पर टिकी हुई है।

