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MP Congress में बड़ा एक्शन! पार्टी के खिलाफ बोलने वालों की बनेगी लिस्ट, नहीं सुधरे तो होंगे बाहर

Saturday, Jul 04, 2026-12:30 PM (IST)

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन अब अनुशासन को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि संगठन और नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी या सोशल मीडिया पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करें, जो लगातार पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग बयान देते हैं या सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर संगठन के फैसलों पर सवाल उठाते हैं।

पार्टी का मानना है कि सार्वजनिक बयानबाजी और आपसी आरोप-प्रत्यारोप से संगठन की छवि प्रभावित होती है, जिसका राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसी कारण अब अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कई बैठकों में इस विषय पर चिंता जताई थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद संगठन ने जिला इकाइयों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं, ताकि अनुशासनहीनता की घटनाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सके।

निर्देशों के मुताबिक, सबसे पहले चिन्हित नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। यदि नोटिस के बाद भी उनके व्यवहार में सुधार नहीं आता है, तो उनके खिलाफ संगठनात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं होने की स्थिति में संबंधित मामले के सभी साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएगी, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पार्टी नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर संगठन, नेतृत्व या पार्टी की नीतियों के खिलाफ की गई पोस्ट को भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे मामलों की भी निगरानी की जाएगी और आवश्यक होने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मध्य प्रदेश कांग्रेस का यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ समय से पार्टी के कई नेताओं के सार्वजनिक बयानों और आंतरिक मतभेदों ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी है। माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन अब अनुशासन और एकजुटता पर विशेष जोर देना चाहता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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