नरोत्तम मिश्रा की होगी सियासी वापसी? MP की खाली राज्यसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान
Thursday, Oct 22, 2026-12:50 PM (IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट के लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान होगा। अब राजनीतिक गलियारों में एक सवाल उठने लगा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी इस सीट के जरिए मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को संसद के उच्च सदन में भेजने का मौका दे सकती है?
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें दतिया सीट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद जुलाई 2026 में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भी भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया और पार्टी ने अशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। ऐसे में राज्यसभा की खाली हुई सीट को उनके राजनीतिक भविष्य के लिहाज से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, भाजपा ने इस सीट के लिए नरोत्तम मिश्रा के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
दतिया में टिकट नहीं मिला, अब राज्यसभा सीट पर चर्चा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया से तीन बार विधायक चुने गए थे और प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार में गृह मंत्री सहित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने उन्हें करीब 7,600 मतों के अंतर से हराया था। इसके बाद दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी तो नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उनकी जगह अशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया।
पार्टी के इस फैसले के बाद दतिया में उनके समर्थकों के बीच नाराजगी भी सामने आई थी। हालांकि, नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के फैसले को स्वीकार करने और संगठन के साथ काम करने की बात कही थी। अब राज्यसभा की सीट खाली होने के बाद उनके समर्थकों और राजनीतिक हलकों की नजर भाजपा के अगले फैसले पर रहेगी।
राज्यसभा के जरिए संसद पहुंचना किसी भी वरिष्ठ नेता के लिए एक अलग राजनीतिक रास्ता हो सकता है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा के नाम की संभावना पर चर्चा होना स्वाभाविक है, लेकिन इसे पार्टी की ओर से मिले किसी संकेत या उनके नाम पर सहमति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
12 नवंबर को मतदान, 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा कार्यकाल
मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। अब उपचुनाव के जरिए चुने जाने वाले सदस्य का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 2 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 नवंबर निर्धारित की गई है। 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से कराई जाएगी। चुनाव की सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 16 नवंबर अंतिम तारीख तय की गई है।
भाजपा किसे देगी मौका, फैसले पर टिकी नजरें
राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, यह पार्टी नेतृत्व के फैसले पर निर्भर करेगा। नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक अनुभव और प्रदेश की राजनीति में उनकी लंबी भूमिका को देखते हुए उनके नाम को लेकर चर्चा हो सकती है। दूसरी ओर, पार्टी इस सीट के लिए किसी अन्य वरिष्ठ नेता, संगठन से जुड़े चेहरे या दूसरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर भी फैसला कर सकती है।
फिलहाल, नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजे जाने के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि भाजपा उन्हें ही मौका देने जा रही है। दतिया में विधानसभा टिकट नहीं मिलने के बाद राज्यसभा सीट को लेकर उनके नाम पर होने वाली चर्चा उनके राजनीतिक सफर के अगले पड़ाव के सवाल को जरूर सामने लाती है।
अब देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व इस रिक्त सीट के लिए किस नाम पर मुहर लगाता है। उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही साफ हो सकेगा कि पार्टी मध्य प्रदेश के किसी वरिष्ठ नेता को संसद भेजती है या इस सीट के लिए कोई दूसरा चेहरा सामने आता है।

