कृषि विभाग में खाली पड़े पदों को लेकर पटवारी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, कहा- कृषक कल्याण केवल नारों, पोस्टरों से नहीं होता
Thursday, Mar 05, 2026-04:40 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश में कृषि विभाग समेत इससे जुड़े अन्य विभागों में रिक्त पड़े पदों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पटवारी ने अपने पत्र में कहा है कि कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि विभाग में स्वीकृत 14 हजार 537 पदों में से आठ हजार 468 पद खाली पड़े हैं। लगभग 60 पदों पर अमला अनुपस्थित है और शेष कर्मचारियों से पूरे प्रदेश के किसानों की समस्याओं का समाधान कराने का दावा किया जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ कृषि विभाग तक सीमित नहीं है, कृषि से सीधे जुड़े लगभग सभी सहयोगी विभागों में भी 'ऐतिहासिक रिक्तता' मौजूद है। साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, सहकारिता विभाग के भी आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि अमले की कमी के कारण फसल नुकसान सर्वे, सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी पहलें भी ज़मीनी स्तर पर प्रभावित हो रही हैं।
पटवारी ने कहा कि जब सरकारी तंत्र ही आधा खाली हो, तब किसानों का कल्याण किसके भरोसे होगा? प्रदेश के लाखों किसान फसल नुकसान, लागत बढ़ने, बाजार अस्थिरता और जलवायु संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकारी मशीनरी का बड़ा हिस्सा कागजों में ही मौजूद है। भाजपा सरकार ने 'कृषक कल्याण वर्ष' का नारा दिया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कृषि विभाग खुद ही कर्मियों के अभाव में लाचार बना हुआ है।
सरकार यह समझने के लिए तैयार नहीं है कि कृषक कल्याण केवल नारों, पोस्टरों और विज्ञापनों से नहीं आता। इसके लिए मजबूत प्रशासनिक तंत्र, प्रशिक्षित अमला और जवाबदेह व्यवस्था आवश्यक होती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आग्रह किया कि केंद्र सरकार की निगरानी में मध्यप्रदेश में कृषि और उससे जुड़े विभागों में रिक्त पदों की स्थिति की तत्काल समीक्षा कराई जाए। किसानों से जुड़े विभागों में शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करवाने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए। कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने की राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाए।

