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Petrol Diesel Excise Duty:सरकार ने पेट्रोल -डीजल एक्साइज ड्यूटी में की भारी कटौती,क्या मिलेगा जनता को फायदा?

Friday, Mar 27, 2026-04:41 PM (IST)

(डेस्क): सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर से एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) घटा दिया है। ईरान संकट के बीच तेल की कमी और बढ़ते दाम को लेकर सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले 13 रुपये के अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटाकर मात्र 3 रुपये कर दिया है। वहीं, डीजल पर लगने वाले 10 रुपये के पूरे टैक्स को खत्म कर शून्य कर दिया गया है। इस तरह से यह सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित करने से आ रही है दिक्कत

दरअसल खाड़ी देशों में छिड़ी जंग और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी से तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें हाई होती जा रही हैं,  आसमान छूती कीमतों के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी ( उत्पाद शुल्क) में भारी कटौती की है।  आपको बता दें कि  सरकार का यह फैसला 26 मार्च 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल तक पार कर चुका है। इस वृद्धि से भारतीय तेल कंपनियां भारी घाटे में चल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले 13 रुपये के अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटाकर 3 रुपये तो  डीजल पर लगने वाले 10 रुपये के पूरे टैक्स को शून्य कर दिया गया है। इसके साथ ही  साल 2022 से लागू विंडफॉल टैक्स को भी पूरी तरह हटा लिया गया है।

क्या सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल ?

हालांकि  सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है लेकिन जनता के लिए कीमतें कम होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।  वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतें इतनी ऊपर जा चुकी हैं कि तेल कंपनियां हर लीटर पर करीब 45 रुपये से ज्यादा का घाटा हो रहा है, अब इसी टैक्स राहत से कंपनियां अपने घाटे की भरपाई करनी की कोशिश करेंगी। दूसरे शब्दों में आम आदमी के लिए इस कटौती को  समझें तो उनको फिलहाल अभी कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। इस कटौती से तेल कंपनियों का घाटा पाटने के कोशिश है।


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Content Editor

Desh Raj

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