राज्यसभा के लिए राहुल गांधी की पहली पसंद पर लगी मुहर! जानें क्यों हाईकमान ने जताया मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा
Friday, Jun 05, 2026-02:01 PM (IST)
भोपाल : कांग्रेस संगठन ने सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए मध्य प्रदेश से कांग्रेस प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राज्य से कई कद्दावर नेता इस रेस में थे लेकिन कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की पहली पसंद मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का टिकट दिया है। राज्यसभा चुनाव की चर्चाओं के बीच ही अटकलें थी कि मीनाक्षी नटराजन राहुल गांधी की पहली पसंद है। महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिहाज से मीनाक्षी नजराजन का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा था। ऐसे में महिला नेतृत्व के रुप में मीनाक्षी नटराजन को टिकट दिया गया है।
मीनाक्षी नटराजन पंचायत राज प्रकोष्ठ की प्रभारी होने के साथ तेलंगाना की प्रभारी हैं। खास बात यह कि वह गांधी परिवार की नजदीकी है और नटराजन को कांग्रेस विचारधारा के प्रति समर्पित नेता माना जाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पिछली बार भी मीनाक्षी का नाम राज्यसभा के लिए फाइनल था, लेकिन कमलनाथ की जिद की वजह से मीनाक्षी का नाम फाइनल नहीं हो सका था।
गौरतलब है कि कांग्रेस संगठन में राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी है। कांग्रेस की यह सीट दिग्विजय सिंह के कार्यकाल समाप्त होने से खाली हो रही है। दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। ऐसे में भले ही कांग्रेस के पास राज्यसभा भेजने के लिए कई बड़े चेहरे हैं, लेकिन वह किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी। कांग्रेस के लिए इस वक्त सबसे बड़ी कठिनाई अपने ऐसे उम्मीदवार का चयन करना था जो इस सीट पर जीत पक्की कर सकें और क्रॉस वोटिंग को रोक सके। इन उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर मीनाक्षी नटराजन और निमाड़ क्षेत्र के एक प्रमुख OBC नेता अरुण यादव, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक युवा नेता के रुप में शामिल थे लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने मीनाक्षी नजराजन के नाम पर मुहर लगाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।
बता दें कि मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस के सीनियर नेताओं में से हैं और वो जमीनी स्तर की नेत्री मानी जाती हैं। मीनाक्षी नटराजन राहुल गांधी की करीबी नेताओं में से एक हैं और भारत जोड़ो यात्रा से लेकर संगठनात्मक पुनर्गठन तक कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहीं हैं। मीनाक्षी साल 2009 के लोकसभा चुनाव में वो मंदसौर निर्वाचन क्षेत्र से 15वीं लोकसभा की सांसद चुनी गईं थी। साल 2014 और 2019 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें भाजपा के सुधीर गुप्ता से हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा वो 2002 से 2005 तक मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष की जिम्मेवारी भी संभाल चुकी है।

