11 दिन में निलंबन से बहाली: सचिव का जुआ खेलते वीडियो वायरल होने पर हुई थी कार्रवाई, अब उसी पंचायत की फिर जिम्मेदारी
Friday, Sep 25, 2026-01:33 PM (IST)
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : छतरपुर जिले की झमटुली ग्राम पंचायत के सचिव राजेंद्र प्रसाद पांडे के कथित रूप से जुआ खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद की गई कार्रवाई महज 11 दिन में पलट गई। जिला पंचायत CEO ने 15 सितंबर को सचिव को निलंबित किया था। अब 24 सितंबर को जारी आदेश में उन्हें बहाल कर दोबारा उसी झमटुली ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
बहाली के आदेश में वीडियो को बताया गया करीब एक साल पुराना
बहाली के आदेश में सामने आए कारणों के मुताबिक, सचिव को कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा बैठाकर वीडियो बनाए जाने और बाद में उसे वायरल किए जाने की बात कही गई है। साथ ही वीडियो को करीब एक साल पुराना बताया गया है।
हालांकि, इसी आधार पर अब कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि वीडियो करीब एक साल पुराना था तो 15 सितंबर को निलंबन की कार्रवाई किस आधार पर की गई? और यदि वीडियो में दिख रहा कथित आचरण कार्रवाई योग्य नहीं था, तो निलंबन का आधार क्या था?

11 दिन में बदला क्या, सबसे बड़ा सवाल
15 सितंबर को निलंबन और 24 सितंबर को बहाली के बीच महज 11 दिन का अंतर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने कम समय में ऐसा क्या सामने आया, जिसके आधार पर निलंबन खत्म कर दिया गया और सचिव को फिर उसी पंचायत की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
जानकारी के मुताबिक सचिव से जुड़े एक से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही उनकी वास्तविक तारीख की आधिकारिक पुष्टि सामने आई है।
प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
पूरे मामले में अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि क्या वीडियो की सत्यता और उसकी तारीख की तकनीकी जांच कराई गई? यदि जांच हुई तो उसका निष्कर्ष क्या रहा और उसी के आधार पर बहाली का निर्णय लिया गया या नहीं?
प्रशासन से उठे ये सवाल
- क्या निलंबन से पहले पूरे मामले की जांच कराई गई थी?
- यदि जांच हुई तो उसका निष्कर्ष क्या रहा?
- 11 दिन में निलंबन खत्म करने का आधार क्या रहा?
- वीडियो की सत्यता और तारीख की तकनीकी जांच हुई या नहीं?
- बहाली के बाद उसी ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी दोबारा देने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया?
मामला अब सिर्फ सचिव के निलंबन और बहाली तक सीमित नहीं है। निलंबन से बहाली तक की पूरी प्रक्रिया और जांच के आधार को लेकर प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले में क्या स्पष्टीकरण देते हैं।

