सिंगरौली: देवसर की 13 पंचायतों में बड़े भ्रष्टाचार की आशंका! ईमानदारी से जांच हुई तो नप जायेंगे कई जिम्मेदार
Saturday, Sep 26, 2026-09:59 PM (IST)
सिंगरौली (अंबुज तिवारी) : मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले की जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत आने वाली 13 ग्राम पंचायतों में किए गए निर्माण कार्यों की विधिवत जांच की मांग से ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक हड़कंप मच गया है। युवक ने लिखित शिकायत देकर सभी पंचायतों के 2022 से 2026 तक के विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, मूल्यांकन और भुगतान से लेकर निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्रियों के नमूने की लैब जांच तक की मांग की है।
इन ग्राम पंचायतों की होगी जांच!
जिले के देवसर तहसील के सुपेला ग्राम निवासी प्रवेश कुमार तिवारी ने पहला शिकायती आवेदन 24 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत देवसर में दिया था। शिकायत में बताया गया है कि नौढ़िया, झखरवाल, इंटार, जियावन, धनहा, ढोंगा, जोगिनी, सरौंधा, अंतरवा, चरकी, कारी, पुरवा व बूढ़ाडांड ग्राम पंचायत में पिछले 4 वर्षों में कराए गए निर्माण कार्य जैसे चेक डैम,ग्रेवल रोड,सीसी रोड,पुलिया समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इन पंचायतों के निर्माण कार्यों में सरपंच सचिव उपयंत्री ने मिलकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है।
शिकायत में इन मुख्य बिंदुओं का है उल्लेख
1 उक्त ग्राम पंचायतो में निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकि जांच।
2 निर्माण कार्यों के प्रमुख दस्तावेजों का निर्माण स्थल से मिलान।
3 निर्माण कार्यों में उपयोग सामग्री के नमूने की लैब जांच।
4 ऐसे अधिकारियों से जांच,जिनका निर्माण कार्यों से न हो संबंध।
5 जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाय
6 जांच में वित्तीय अनियमितता,मानकों का उल्लंघन,फर्जी मूल्यांकन,बिना कार्य भुगतान आदि पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध राशि वसूली,विभागीय व कानूनी कार्यवाही की मांग।
जनपद पंचायत के सीईओ द्वारा 2 माह बाद भी शिकायती आवेदन पर कोई कार्यवाही प्रारंभ नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 25 सितंबर को जनपद पंचायत देवसर की नई सीईओ IAS सौम्या मिश्रा से पुनः पूर्व में दिए गए आवेदन पर कार्यवाही की मांग की है।
जनपद सीईओ ने APO से मांगा जांच प्रतिवेदन
युवक की शिकायत पर जनपद पंचायत देवसर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी IAS सौम्या मिश्रा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।CEO ने APO से सभी 13 ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की मौके पर जाकर जांच प्रतिवेदन देने के लिए कहा है। इधर सूत्र बता रहे हैं कि शिकायत की सुगबुगाहट मिलते ही संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिव जीआरएस और उपयंत्रियों की सांसे फूलने लगी हैं।

