रिटायर्ड SDO तो MP का धनकुबेर निकला, EOW टीम भी जायदाद देख हिल गई ,परिवार के नाम 21 बैंक खाते
Thursday, Apr 16, 2026-09:10 PM (IST)
(छिंदवाड़ा): आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने गुरुवार तड़के आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सेतु निर्माण विभाग से रिटायर्ड एसडीओ (SDO) महेन्द्र नागवंशी के छिंदवाड़ा स्थित आवास और आटा मिल पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें अब तक लगभग 5.47 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है।
तड़के दी दबिश, मचा हड़कंप
ईओडब्ल्यू जबलपुर को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि महेन्द्र नागवंशी ने अपने सेवाकाल के दौरान भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। शिकायत के सत्यापन के बाद, आज सुबह तीन अलग-अलग टीमों ने आरोपी के आदर्श नगर (परासिया रोड) स्थित निवास और ग्राम उसरिया स्थित 'नागदा इंडस्ट्रीज' (आटा मिल) पर एक साथ धावा बोला। अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
जायदाद देख फटी रह गईं आंखें
सर्च ऑपरेशन के दौरान जो संपत्ति निकलकर सामने आई है, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया है। अब तक की जांच में जो सामने आया है वो इस तरह से है..
* चल-अचल संपत्ति: छिंदवाड़ा स्थित आलीशान मकान (40 लाख) और एक दुकान (13 लाख)।
* आटा मिल: ग्राम पंचायत गुरैया में विशाल आटा मिल, जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 करोड़ रुपये है।
* कृषि भूमि: अलग-अलग स्थानों पर कुल 25 एकड़ खेती की जमीन और 2 भूखंड (कीमत लगभग 1.76 करोड़ रुपये)।
* नगदी और जेवरात: घर से 91,500 रुपये नगद, 187 ग्राम सोना और 1 किलो चांदी बरामद हुई है।
* वाहन: 3 चार पहिया वाहन और 3 दो पहिया वाहन मिले हैं।
* बैंक और बीमा: आरोपी और उसके परिजनों (पत्नी सीमा नागवंशी और पुत्र ऋत्विक) के नाम पर कुल 21 बैंक खाते मिले हैं। अकेले पुत्र के खातों में ही 30 लाख रुपये जमा होने की संभावना है। साथ ही 22 बीमा पॉलिसियों में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ईओडब्ल्यू ने महेन्द्र नागवंशी के विरुद्ध धारा 13(1)(बी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) के तहत अपराध क्रमांक 0/26 पंजीबद्ध किया है।

