150 करोड़ का ‘घुन घोटाला’! दिग्विजय सिंह का बड़ा आरोप, शिवराज के क्षेत्र में सड़ा 40 हजार टन गेहूं
Wednesday, Apr 15, 2026-06:19 PM (IST)
भोपाल: मध्यप्रदेश में कथित ‘घुन घोटाले’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले की EOW जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह घोटाला केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां सरकारी गेहूं के रखरखाव में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। दिग्विजय सिंह के मुताबिक मामला सीहोर और रायसेन जिलों के निजी गोदामों में रखे करीब 40 हजार टन गेहूं से जुड़ा है, जिसे समय पर उठाने के बजाय वर्षों तक वहीं पड़ा रहने दिया गया। नियमानुसार 8-
10 महीने में उठाया जाने वाला अनाज 5 साल तक गोदामों में पड़ा रहा, जिसके चलते उसमें घुन लग गया और वह पूरी तरह खराब हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर किया गया ताकि निजी गोदाम संचालकों को लगातार किराया मिलता रहे। जब गेहूं खराब हो गया और जांच में फेल होने लगा, तो अधिकारियों ने जिम्मेदारी से बचने के लिए इसे चुपचाप सरकारी वेयरहाउस में शिफ्ट कर दिया।
इस पूरे मामले में सरकारी खजाने को दोहरी मार लगने की बात कही जा रही है। एक तरफ करीब 100 करोड़ रुपए का गेहूं बर्बाद हो गया, वहीं दूसरी तरफ गोदाम किराया, रखरखाव और परिवहन के नाम पर 150 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए गए। आरोप है कि परिवहन के लिए भी जरूरत न होने के बावजूद ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया।
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि इस पूरे मामले में अधिकारियों, निजी गोदाम मालिकों और ठेकेदारों की मिलीभगत है, जिसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (EOW) से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। यदि जांच होती है तो कई बड़े नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

