MP में शराब कांड में बड़ा एक्शन: 3 आबकारी अधिकारी सस्पेंड, फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी भी हटाए गए
Sunday, Sep 06, 2026-04:32 PM (IST)
भोपाल। सागर जिले के बंडा इलाके में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने आबकारी विभाग पर बड़ी कार्रवाई की है। गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में नकली शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड की प्रभारी एवं उपायुक्त नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच तेज कर दी गई है और अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांवों तक नकली शराब कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
तीन अधिकारियों पर गिरी गाज
शासन की कार्रवाई के तहत सागर में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा सर्किल की आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।

जहरीली शराब से बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत
बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन सहित आसपास के इलाकों में कथित नकली शराब के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। कई लोगों को उपचार के लिए बंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में 100 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। इलाज के दौरान अब तक 14 लोगों की मौत की बात सामने आई है। गंभीर मरीजों को आगे के उपचार के लिए सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) रेफर किया गया है।
अवैध शराब के नेटवर्क की जांच तेज
घटना के बाद प्रशासन की प्राथमिकता अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई चेन का पता लगाना है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नकली शराब कहां तैयार हुई, इसे किन माध्यमों से गांवों तक पहुंचाया गया और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। सरकार की ताजा कार्रवाई को जहरीली शराब के मामले में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आगे की जांच के आधार पर अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

