MP में बारिश का कहर! इन 15 जिलों में अलर्ट, जमकर होगी बारिश
Sunday, Sep 06, 2026-03:51 PM (IST)
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर तेज तेवर दिखा रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के बाद अब पश्चिमी इलाकों में भी बारिश का दौर सक्रिय हो गया है। कई जगह नदी-नाले उफान पर हैं और जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के बीच उज्जैन में बड़ा हादसा टल गया। शनिवार देर रात महाकाल मंदिर से रामघाट की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित पुराना महाकाल द्वार अचानक ढह गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, द्वार के आसपास निर्माण कार्य के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। लगातार बारिश से मिट्टी में नमी और जमीन के खिसकने की स्थिति बनने के कारण संरचना कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
अगले तीन दिन भी बारिश से राहत के आसार कम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 6 सितंबर को भी मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा। इसके बाद 7, 8 और 9 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि इंदौर में इस दौरान बहुत ज्यादा भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
वहीं प्रदेश के कई जिलों में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में कमी दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह में लगातार बारिश के कारण इन क्षेत्रों की स्थिति में सुधार जरूर आया है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में अभी भी औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से अगले कुछ दिन कई जिलों के लिए अहम रहने वाले हैं। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

