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राज्य में आंधी-तूफान का खतरा! 65 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट

Thursday, Sep 03, 2026-01:28 PM (IST)

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र ने 3 सितंबर को मौसम को लेकर चेतावनी जारी करते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में खुले इलाकों में मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है। आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग्स और कमजोर अस्थायी ढांचे प्रभावित होने की आशंका है।

कई जिलों में बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार बलरामपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, कोरबा और महासमुंद समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर आंधी जैसी परिस्थितियां भी बनने की संभावना है।

65 KM की रफ्तार बनी चिंता

मौसम का सबसे बड़ा खतरा तेज हवाओं को लेकर है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 KM प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इतनी तेज हवा में कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। बारिश और आंधी के दौरान वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। सड़क किनारे लगे पुराने पेड़ों, बड़े होर्डिंग्स और अस्थायी निर्माणों के पास रुकने से बचना बेहतर रहेगा।

बिजली चमके तो इन जगहों से रहें दूर

गरज-चमक के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बरतनी चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने, बिजली के खंभों और तारों के पास जाने तथा खुले मैदान में रुकने से बचें। अगर अचानक तेज आंधी या बिजली चमकने लगे तो किसी मजबूत इमारत के अंदर जाना सुरक्षित विकल्प रहेगा। मौसम सामान्य होने तक गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह भी दी गई है।

क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधियां?

मौसम में इस बदलाव के पीछे सक्रिय मौसमी प्रणालियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास बनी मौसम प्रणाली तथा चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों पर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

अगले कुछ दिन भी मौसम रहेगा सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर सामान्य बारिश होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, खुले इलाकों और सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

आंधी के समय क्या करें?

बड़े और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े न हों।

बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें।

होर्डिंग्स और टीन शेड के पास न रुकें।

खुले मैदान में खड़े होने से बचें।

तेज बारिश में गैर-जरूरी यात्रा टालें।

वाहन चलाते समय अचानक तेज हवा और कम दृश्यता को देखते हुए गति नियंत्रित रखें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज न करें। छत्तीसगढ़ में बदलते मौसम के बीच अगले कुछ दिन लोगों के लिए सतर्क रहने वाले हैं। बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को रोक सकती है।


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Content Editor

Himansh sharma

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