MP में बड़ा खेल, SC महिला OBC सीट से चुनाव लड़कर बन गई सरंपच,आरक्षित सीट पर एक शपथ पत्र लगाकर हथियाई सरंपची
Saturday, May 02, 2026-06:42 PM (IST)
(सतना): मध्य प्रदेश के सतना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक SC महिला ने धर्म परिवर्तन करके OBC आरक्षित सीट से चुनाव लड़कर सरपंच का चुनाव जीत लिया।दरअसल ये सारा विवाद सोहावल जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बारीखुर्द से सामने आया है। सरपंच पद के लिए ये सारा खेल खेला गया है। जानकारी के मुताबिक बारी खुर्द पंचायत ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित थी, लेकिन यहां से एससी वर्ग की महिला ने चुनाव लड़ा। बिना जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, महज एक शपथ पत्र का हवाला देकर ही सरपंची पर कब्जा कर लिया। इस घटनाक्रम के बाद पंचायती चुनाव की निष्पक्षता पर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

गौर करने वाली बात है कि महिला ने एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया और निर्वाचन फार्म तत्कालीन रिटर्निंग अधिकारी ने स्वीकार भी कर लिया। बारीखुर्द से सरपंच पद का चुनाव लड़ने वाली मोलिया पत्नी बालगोविंद चौधरी ने अपना जाति प्रमाण पत्र न लगाकर उसके स्थान पर एक शपथ पत्र लगाया या। मोलिया ने कहा था कि उसकी पूर्व की जाति अनुसूचित जाति थी, लेकिन बाद में धर्म परिवर्तन करके बौद्ध धर्म अपना लिया था, कहा गया कि बौद्ध धर्म स्वीकार करने वाली अनुसूचित जातियों को म.प्र. शासन द्वारा घोषित पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया गया है।
महिला ने अपना धर्म परिवर्तन करने का हवाला देकर एससी से ओबीसी होने की जानकारी दी थी। नतीजा ये निकला कि महिला चुनाव जीत गई और बारीखुर्द पंचायत की सरपंच है। हाल ही यहां इस ग्राम पंचायत में हुए एक विवाद के बाद यह मामला सामने आया है, जिससे पूरी चुनाव प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। बता दें कि बारीखुर्द पंचायत पिछड़ा वर्ग महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई थी, लेकिन यहां रिटर्निंग अधिकारी की लापरवाही से एससी वर्ग की महिला ने नामांकन तो दाखिल किया ही साथ में जीत भी गई।
वहीं जिल सूची क्रमांक 81 का जिक्र इस शपथ पत्र में किया गया है, वह मूल बौद्ध की तय श्रेणियों के लिए है न कि नव बौद्ध धर्म स्वीकार करने वालों के लिए। लिहाजा मामला सामने आने के बाद कलेक्टर कार्रवाई कर सकते हैं और निर्वाचन शून्य कर सकते हैं। शिकायत पर मोलिया को अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता है। लिहाजा मामला सामने आने के बाद काफी तूल पकड़ लिया है।

