SDO पर पांच संतानों की जानकारी छिपाने का आरोप, गिर सकती है गाज, महकमे में चर्चा तेज
Friday, Oct 23, 2026-01:34 PM (IST)
भिंड : मध्यप्रदेश के भिण्ड में वन विभाग के एसडीओ रामकुमार के खिलाफ सेवा अभिलेख में अपनी संतानों की जानकारी छिपाने के आरोप की जांच की मांग उठी है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने इस संबंध में पहले वन विभाग में शिकायत की थी। अपेक्षित कारर्वाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय में भी मामला उठाया गया, जिसके बाद 21 अक्टूबर को शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज की गई। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायतकर्ता ने 17 अक्टूबर को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि सहायक वन संरक्षक के पद पर कार्यरत रामकुमार ने सेवा अभिलेख में अपनी पांचों बेटियों की जानकारी दर्ज नहीं कराई। शिकायत के अनुसार, सेवा अभिलेख में केवल शिवानी अरोलीया का नाम दर्ज है, जबकि हिमांशी अरोलीया और वान्या अरोलीया के नाम परिवार आईडी में दर्ज होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने दो अन्य बेटियों की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। शिकायत सबसे पहले भिण्ड डीएफओ कार्यालय में की गई थी। वहां से जांच के लिए ग्वालियर के मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजा गया था और दूसरे वन मंडल से जांच कराने की बात कही गई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कारर्वाई आगे नहीं बढ़ने पर उसने वन विभाग के भोपाल मुख्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी आवेदन भेजा। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले आवेदन के आधार पर शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज की गई है। शिकायत का निराकरण सीएम हेल्पलाइन के प्रथम स्तर यानी एल-1 पर किया जाना है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच किस अधिकारी को सौंपी जाएगी और आरोपों की पड़ताल के लिए किन दस्तावेजों की जांच होगी। शिकायतकर्ता ने सेवा अभिलेख और परिवार आईडी सहित संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर नियमानुसार कारर्वाई करने की मांग की है।
वन विभाग में एसडीओ रामकुमार और वन परिक्षेत्र अधिकारी कृतिका शुक्ला के बीच पूर्व में हुए विवाद के बाद भी मामला चर्चा में रहा था। दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें किए जाने के बाद अधिकारियों की मध्यस्थता से विवाद सुलझाने की बात सामने आई थी। अब संतानों से संबंधित शिकायत के बाद मामला फिर चर्चा में है। फिलहाल एसडीओ पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

