MP में इस पार्टी को तगड़ा झटका! कई प्रदेश स्तरीय नेता कांग्रेस में शामिल, जीतू पटवारी ने दिलाई सदस्यता
Thursday, Oct 15, 2026-03:15 PM (IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और दूसरे राजनीतिक दलों से नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में भीम आर्मी के कई प्रदेश पदाधिकारियों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इसे प्रदेश में कांग्रेस के संगठन विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गुरुवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) कार्यालय में विधायक आरिफ मसूद के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने भीम आर्मी के प्रदेश पदाधिकारियों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। कांग्रेस में शामिल होने वालों में प्रदेश सचिव विलास मले, प्रदेश महासचिव सत्येंद्र विमल, दक्षेश पाटिल, नगेश कांबले, रंजीत तांबले, नीलेश हेरोडे और प्रकाश बालखेड़े सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
कांग्रेस का घर वापसी अभियान भी तेज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने कांग्रेस के घर वापसी अभियान की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि पार्टी में दोबारा शामिल होने की इच्छा जताते हुए अब तक 600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 200 से ज्यादा ऐसे नेता और पदाधिकारी हैं, जो पहले कांग्रेस में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
इनमें पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व अध्यक्ष और संगठन के अलग-अलग पदों पर काम कर चुके नेताओं के नाम शामिल हैं। कांग्रेस ऐसे नेताओं को फिर से अपने साथ जोड़कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
जिला इकाइयों की सहमति से मिलेगी सदस्यता
जीतू पटवारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में वापसी चाहने वाले नेताओं के मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटी की राय महत्वपूर्ण होगी। जिला इकाई की सहमति के बाद ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी।
प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी
एक ओर कांग्रेस पुराने नेताओं को वापस लाने के लिए घर वापसी अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर अन्य संगठनों के पदाधिकारियों को पार्टी से जोड़ने की कोशिश भी जारी है। भीम आर्मी के कई प्रदेश पदाधिकारियों का कांग्रेस में शामिल होना इसी क्रम में सामने आया है।
अब देखना होगा कि घर वापसी अभियान के तहत मिले 600 से अधिक आवेदनों में से कितने नेताओं को पार्टी में दोबारा शामिल होने की मंजूरी मिलती है और आने वाले समय में इसका मध्यप्रदेश की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।

