लाड़ली बहनों को ₹3000 मिलेंगे? शिवराज ने दिया बड़ा बयान, बोले- नाराज हुईं तो खैर नहीं!
Monday, Oct 12, 2026-01:52 PM (IST)
रायसेन। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है। रायसेन जिले के भोजपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना को अब कोई भी सरकार बंद नहीं कर पाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता की राशि आगे भी बढ़ाई जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने जब योजना के तहत मिलने वाली रकम ₹3000 करने की मांग उठाई, तो शिवराज ने जवाब दिया कि राशि धीरे-धीरे ₹3000 तक बढ़ेगी। शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार इस योजना को जारी रखे हुए है और आने वाले समय में भी हर सरकार को इसे चलाना पड़ेगा। उन्होंने महिलाओं की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर लाड़ली बहनें नाराज हो गईं, तो फिर खैर नहीं। उनके इस बयान के बाद योजना की राशि में बढ़ोतरी और इसके राजनीतिक असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मध्य प्रदेश से दूसरे राज्यों तक पहुंचा योजना का विचार
शिवराज सिंह चौहान रविवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने भोजपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लाड़ली बहना योजना के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की पहल शुरू होने के बाद दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की योजनाएं लागू की गईं। अलग-अलग प्रदेशों में इन योजनाओं के नाम भले ही अलग हों, लेकिन उनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
महिलाओं को आर्थिक मदद मिलने से बढ़ा आत्मसम्मान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहते देखा है। कई बार महिलाओं को घर के खर्च, निजी जरूरतों या मायके जाने के लिए भी पति से पैसे मांगने पड़ते थे। इसी स्थिति को बदलने के उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई थी।
उनके मुताबिक, योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने के बाद कई महिलाओं ने अपने घरों में सम्मान बढ़ने की बात कही। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास मजबूत हुआ और वे अपनी जरूरतों के लिए पहले की तरह दूसरों पर निर्भर नहीं रहीं। शिवराज ने इसे केवल आर्थिक मदद तक सीमित योजना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया।
वोट को लेकर भी महिलाओं के फैसले का किया जिक्र
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब महिलाएं राजनीतिक मामलों में भी अपनी स्वतंत्र राय रखती हैं। पहले यह धारणा थी कि परिवार का मुखिया जिस राजनीतिक दल को वोट देगा, महिलाएं भी उसी के पक्ष में मतदान करेंगी। लेकिन अब महिलाएं अपने फैसले खुद लेने लगी हैं।
उन्होंने एक महिला का उदाहरण देते हुए दावा किया कि लाड़ली बहना योजना के बाद कांग्रेस को वोट देने के दबाव को लेकर उसके साथ मारपीट की गई थी। शिवराज के अनुसार, महिला के उनके पास पहुंचने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
महिलाओं की सालाना कमाई एक लाख रुपये करने का लक्ष्य
महिलाओं को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना आमदनी कम से कम एक लाख रुपये होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रशिक्षण, बैंकिंग सुविधाओं और कम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि महिलाएं इन सुविधाओं का लाभ लेकर अपना कारोबार शुरू कर सकती हैं और परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे सकती हैं।
किसानों की बिजली समस्या पर मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा
कार्यक्रम में भोजपुर क्षेत्र के किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठा। शिवराज ने पानी और बिजली की उपलब्धता को लेकर कहा कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री से चर्चा करेंगे, ताकि किसानों को खेती के लिए पर्याप्त बिजली मिल सके।
उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की जरूरत भी बताई। शिवराज के अनुसार, किसानों के एक समूह को प्रशिक्षण के लिए भुवनेश्वर भेजा गया है। उनके आने-जाने, रहने और खाने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे नई तकनीकों और बेहतर खेती के तरीकों को सीखकर अपनी उपज और आमदनी बढ़ा सकें।
लाड़ली बहना योजना की राशि ₹3000 करने की मांग के बीच शिवराज सिंह चौहान का यह बयान अहम माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने राशि बढ़ाने की कोई निश्चित तारीख या समयसीमा घोषित नहीं की, बल्कि इसे धीरे-धीरे बढ़ाने की बात कही।

