नाबालिग छात्रों की स्टंटबाजी बनी हादसे की वजह, स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
Friday, Jan 23, 2026-02:21 PM (IST)
खैरागढ़ (हेमंत पाल) : खैरागढ़ जिला पुलिस द्वारा लगातार यातायात जागरूकता अभियान चलाकर स्कूली बच्चों को नियमों का पालन करने की समझाइश दी जा रही है, लेकिन इसके विपरीत जिला शिक्षा विभाग की उदासीनता इन प्रयासों को कमजोर करती नजर आ रही है। पुलिस अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन न चलाने, हेलमेट पहनने और स्टंट या तेज रफ्तार से बचने की हिदायत दे रहे हैं, पर जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है।
जिले के कई स्कूलों, विशेषकर आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, खैरागढ़ में रोजाना नाबालिग छात्र बाइक से स्कूल आते-जाते देखे जा रहे हैं। एक ही बाइक पर तीन से चार छात्र सवार रहते हैं और अधिकांश बिना हेलमेट के तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।

चिंताजनक बात यह है कि यह स्थिति जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी के कार्यालय के सामने भी देखने को मिलती है, इसके बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई या निर्देश सामने नहीं आए हैं। स्कूल प्रबंधन पर भी किसी प्रकार का प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है।
इसी बीच आज एक दुर्घटना ने स्थिति की गंभीरता को उजागर कर दिया। शुभम के मार्ट के सामने आत्मानंद स्कूल खैरागढ़ में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं के तीन नाबालिग छात्र तेज रफ्तार बाइक से एक दंपत्ति से टकरा गए। हादसे में दंपत्ति का पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल निजी वाहन से खैरागढ़ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सिर में पांच टांके लगाए गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया।
घटना के बाद शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नाबालिग छात्रों के बाइक से स्कूल आने की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्कूल के सामने नियमों की अनदेखी होती रही, लेकिन न तो अभिभावकों को नोटिस दिया गया और न ही सख्ती बरती गई।
हादसे के बाद खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों नाबालिग छात्रों के परिजनों को थाने बुलाया और आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य अनुराग सिंह को भी फटकार लगाई। थाना प्रभारी ने कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना गंभीर अपराध है और इसमें लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है।

