भोपाल में अचानक रोका शिवराज का काफिला, शिक्षक अभ्यर्थियों ने कह दी ऐसी बात कि देना पड़ा ज्ञापन
Friday, Sep 04, 2026-07:03 PM (IST)
भोपाल। (इजहार खान): मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी भोपाल में शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले रोककर ज्ञापन सौंपे। अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती में खाली रह गए पदों पर नियुक्ति और अगली काउंसलिंग शुरू करने की मांग उठाई। नीलम पार्क में वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजरा, तो अभ्यर्थियों ने उन्हें रोककर अपनी मांगों से अवगत कराया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्ग-1 की यह भर्ती तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में हुई थी, इसलिए वे स्वयं मामले में हस्तक्षेप करें। अभ्यर्थियों का दावा है कि वे पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू कराने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। नीलम पार्क में कुछ अभ्यर्थी पिछले करीब 12 दिनों से भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं।
8720 पदों में सिर्फ 2901 पर नियुक्ति का दावा
अभ्यर्थियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के मुताबिक, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 के तहत 8720 पद विज्ञापित किए गए थे। इनमें से पहली काउंसलिंग के जरिए 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं, जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि शेष 5819 पदों पर अभी तक काउंसलिंग नहीं कराई गई है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इन पदों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के साथ-साथ 10 हजार अतिरिक्त पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग की है।
दो परीक्षाओं के बाद भी इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि 2023 की भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अलग थी। इस बार पात्रता परीक्षा के बाद मुख्य चयन परीक्षा भी आयोजित की गई थी। यानी उम्मीदवारों को शिक्षक बनने की प्रक्रिया में दो चरणों में सफलता हासिल करनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कुल 8720 विज्ञापित पदों में से सिर्फ 5052 पद फ्रेश यानी नए पद थे। ऐसे में उनका तर्क है कि भर्ती के लंबे अंतराल और उम्र सीमा के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने भी उठाई आवाज
इसी बीच वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती 2025 से जुड़े अभ्यर्थियों ने भी अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक बात पहुंचाई। बरखेड़ी क्षेत्र के पास प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का काफिला रोककर पदवृद्धि की मांग वाला ज्ञापन सौंपा।
राजधानी में एक ही दिन शिक्षक भर्ती के अलग-अलग वर्गों के अभ्यर्थियों द्वारा सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक सीधे अपनी बात पहुंचाने की कोशिश ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहे असंतोष को फिर सामने ला दिया है। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है।

