MP में आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में होने जा रहा बहुत बड़ा बदलाव, ड्राफ्ट तैयार,अब ऐसे होगी भर्ती
Wednesday, Mar 11, 2026-08:55 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा लगातार काफी समय ये उछलता रहा है। इन भर्तियों को लेकर कई बार नियमों को लेकर बवाल होता रहता है । आउटसोर्स कर्मचारियों भी लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहते हैं। लेकिन अब मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया बदलने की तैयारी है, इनकी भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दरअसल राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था लाने जा रही है जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया जेम पोर्टल (GeM Portal) के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। इस व्यवस्था की खासियत यह होगी कि कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
उद्योग एवं एमएसएमई विभाग (MSME) ने नई व्यवस्था का ड्राफ्ट किया है तैयार
वहीं जानकारी ये भी है कि उद्योग एवं एमएसएमई विभाग ने नई व्यवस्था का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। बहुत जल्द ये प्रस्ताव एमपी कैबिनेट में पेश होने वाला है और यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो फिर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इसकी एक खासियत यह भी होगी कि इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।
आखिर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ रही है?
दरअसल आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का जरुरत क्यों पड़ रही है, इसके पीछे कई कारण है। जैसे की जाहिर है कि प्रदेश के सरकारी विभागों, निगम और मंडलों में बड़े स्तर पर भर्ती कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं।
गौर करने वाली बात है कि उनको निजी एजेंसियों के माध्यम से ही भर्ती किया जाता है और फिर सैलरी भी इन्ही के माध्यम से दी जाती है। लेकिन इस प्रकिया में कर्मचारियों कई बार आरोप लगाते रहते है कि उन्हें फिक्स वेतन से कम राशि मिलती है। उनका वेतन काटकर पैसा दिया जाता है इन्ही सब कारणों के चलते नई व्यवस्था की जरूरत पड़ रही है। सरकार कर्मचारियों की शिकायतों और दूसरी कमियों को दूर करने के लिए डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम लाकर खत्म करना चाहती है।
नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियो को मिलेगा फायदा
सबसे पहली बात कि इस नई व्यवस्था के तहत भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया जेम पोर्टल से होगी, दूसरी खासियत ये होगी कि कर्मियों का वेतन उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होगा। वेतन भुगतान करने वाली एजेंसियों की ओर की ओर से कमीशन लेने पर रोक लगेगी। इस तरह से ये व्यवस्था आउटसोर्स कर्मियों को काफी राहत प्रदान करने वाली होगी। आपको बता दें कि प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में करीब एक लाख से ज्यादा कर्मचारी आउटसोर्स से काम कर रहे हैं।

