MP प्रशासन में बड़ा बदलाव! अनुराग जैन छुट्टी पर, इस 1AS अधिकारी को मिला प्रभार
Thursday, Mar 05, 2026-06:32 PM (IST)
भोपाल : अनुराग जैन अवकाश पर, राजेश राजौरा बने कार्यवाहक मुख्य सचिव मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन छुट्टी पर चले गए हैं। राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेश राजौरा को मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। गुरुवार दोपहर इस संबंध में आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिसके बाद राजौरा अस्थायी रूप से मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये बदलाव अस्थायी तौर पर रहेगा।
वरिष्ठ आईएएस राजेश राजौरा संभालेंगे जिम्मेदारी
बताया जा रहा है कि अनुराग जैन के ससुर के निधन के कारण पांच दिन की छुट्टी ली है। इस दौरान अनुराग जैन की अनुपस्थिति में मध्यप्रदेश कैडर के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में से एक राजेश राजौरा को यह जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक अनुभव और वरिष्ठता को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह प्रभार सौंपा है। राजौरा पहले भी कई महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुके हैं और राज्य प्रशासन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
एक साल के एक्सटेंशन पर चल रहा है जैन का कार्यकाल
अनुराग जैन वर्तमान में मध्यप्रदेश के 35वें मुख्य सचिव हैं। उनके कार्यकाल को अगस्त 2025 में एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। इस एक्सटेंशन के बाद अब उनका कार्यकाल अगस्त 2026 तक रहेगा, जिसके बाद वे सेवानिवृत्त हो जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की पसंद के चलते उन्हें राज्य का मुख्य सचिव बनाया गया था और प्रशासनिक स्तर पर उन्हें एक कुशल अधिकारी के रूप में देखा जाता है।
प्रशासनिक करियर में कई अहम पदों पर रहे
1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है। वे आईआईटी खड़गपुर से बीटेक ऑनर्स इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के मेरिट होल्डर भी रहे हैं। आईएएस बनने के बाद उनकी पहली नियुक्ति 6 जून 1990 को सागर में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वे मंडला, मंदसौर और भोपाल जैसे जिलों में कलेक्टर के पद पर भी कार्य कर चुके हैं और लंबे प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें प्रभावी अधिकारी माना जाता है। वहीं 1990 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ राजेश राजौरा नीमच के रहने वाले हैं। एमबीबीएस करने वाले डॉ. राजौरा कृषि, गृह, उद्योग, उद्यानिकी और परिवहन विभाग संभाल चुके हैं। इतना ही नहीं वे इससे पहले झाबुआ के एडिशनल कलेक्टर, धार, बालाघाट, उज्जैन और इंदौर के कलेक्टर भी रह चुके हैं।

