इन 2 नामों की वजह से रुक गईं BJP की निगमों मंडलों में होने वाली नियुक्तियां, दोनों महाराज सिंधिया के खासम खास
Sunday, Mar 29, 2026-07:02 PM (IST)
(भोपाल): मध्य प्रदेश में होने वाली निगमों मंडलों और आयोगों में नियुक्ति के लिए बीजेपी वैसे को ऐलान कर चुकी है और लिस्ट भी तैयार है। इन्ही नवरात्रों में बीजेपी ऐलान भी करने वाली थी लेकिन अब इन ऐलानों में थोड़ी बाधा पड़ गई है। इनमें जो अड़चन आई है उसके पीछे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बताए जा रहे हैं। दरअसल महाराज सिंधिया अपने समर्थकों के लिए स्टैंड लेते दिख रहे हैं और वो अपने समर्थकों को पद दिलाने के लिए मैदान में उतर आए हैं।
जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक सिंधिया ने अपने 5 समर्थकों को निगम और मंडल में पद देने के लिए हुंकार भर दी है। सिंधिया ने उनके नाम मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास भेजे थे। लेकिन इनमें से कुछ नामों पर ही सहमति बनी है बाकि नामों को लेकर क्षेत्रीय संतुलन की वजह आड़े आ रही है। इस अड़चन को लेकर सिंधिया ने प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन यादव से 1 या 2 बार मुलाकात भी की है।
दो नामों पर नहीं बन रही सहमति
खबर ये भी है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले दिनों PM मोदी से भी मुलाकात की है, सिंधिया ने तब मोदी से निगम मंडल में अपने 5 समर्थकों को जगह दिलाने का आग्रह किया था। इनमें से 3 नामों पर सहमति बन चुकी है। लेकिन अभी भी सिंधिया दो और नामों को एडजस्ट कराने के प्रयास में है। इसी वजह से निगम मंडलों की सूची जारी नहीं हो पा रही है।
दरअसल भोपाल में सिंधिया के सबसे करीबी कृष्णा घाडगे का नाम भी निगम मंडल की दौड़ मे लिया जा रहा है। उनको लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिफारिश की है। वहीं दूसरी ओर डबरा विधानसभा से सिंधिया की खास समर्थक इमरती देवी को लेकर भी महाराज कोई पद चाहते हैं, वो बड़े निगम मंडल में पद पा सकती है।
इसके अलावा सिंधिया समर्थक जसपाल सिंह जज्जी वैसे पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके है लेकिन उन्हें भी निगम मंडल में पद दिया जा सकता है। अंदर की बात ये है कि सिंधिया समर्थक चाहते हैं कि जिस तरह पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सरकार ने समय साल 2021 में निगम, मंडलों और प्राधिकरणों में 2 दर्जन से ज्यादा पदों पर नियुक्तियां हुई थीं उसमें आधा दर्जन से अधिक नाम सिंधिया के करीबियों के थे। अब भी सिंधिया यहीं चाहते हैं कि कम से कम उनके समर्थकों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद मिल जाएं जितने नाम उन्होंने सुझाए हैं। वैसे निगम मंडलों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है। अब यहीं पेंच फंसा हुआ है।

