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"लाड़ली बहना की राशि भी शराब में उड़ा देते हैं", विरोध में महिलाओं ने खोला मोर्चा; घर-घर जाकर दी समझाइश

Friday, Jul 24, 2026-01:12 PM (IST)

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम टाकली कलां में शराब के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। शराब की वजह से उजड़ रहे परिवारों और बिगड़ते सामाजिक माहौल से परेशान महिलाओं ने एकजुट होकर गांव को शराब मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। पिछले एक सप्ताह से चल रहे इस जनजागरण अभियान ने अब कलेक्ट्रेट तक दस्तक दे दी है।

घर-घर जाकर कर रहीं जागरूक
संयुक्त समिति की जिला अध्यक्ष ममता मोरे के नेतृत्व में महिलाओं की टोली लगातार गांव-गांव जाकर महिलाओं को जागरूक कर रही है। ग्राम टाकली कलां की महिलाएं पंचायत में एकत्रित होकर गांव की गलियों में भ्रमण कर रही हैं।

इस दौरान वे लोगों को समझाइश दे रही हैं कि गांव में कोई भी कच्ची शराब न बनाए और किराना दुकानों पर अवैध रूप से बिक रही पक्की शराब का विरोध किया जाए। महिलाओं की सीधी मांग है - गांव से शराब पूरी तरह बंद हो।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जनसुनवाई में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि ग्राम टाकली कलां में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए और गांव को शराब बंद घोषित किया जाए।

ममता मोरे, समिति अध्यक्ष बोली-
"हमारा मकसद अपने बच्चों का भविष्य बचाना है। शराब के कारण कई घर बर्बाद हो गए हैं। कई युवाओं और बुजुर्गों की असमय मौत हो चुकी है। हम गांव में एक भी शराब की भट्टी और दुकान नहीं चलने देंगे।"

"लाड़ली बहना की राशि भी शराब में उड़ा देते हैं"
महिलाओं का आरोप है कि शराब की लत ने पूरे गांव को जकड़ लिया है। कई पुरुष लाड़ली बहना योजना की राशि छीनकर या घर का राशन बेचकर शराब पी जाते हैं। इससे परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।

ग्रामीण रामनारायण दशोरे ने कहा-  
"शराब के कारण गांव में झगड़े बढ़ गए हैं। बच्चे पढ़ नहीं पा रहे और महिलाएं रोज परेशान हैं। अगर शराब बंद नहीं हुई तो गांव बर्बाद हो जाएगा।"

"बच्चे अनाथ न हों, परिवार खुशहाल रहें"
महिलाओं ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ शराब के खिलाफ नहीं, बल्कि परिवार और समाज को बचाने के लिए है। उनका कहना है कि वे चाहती हैं उनके बच्चे अनाथ न हों, परिवार खुशहाल रहें और पूरा गांव नशे की गिरफ्त से बाहर निकले।

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे पंचायत से लेकर कलेक्ट्रेट तक आंदोलन और तेज करेंगी।


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Content Editor

Vandana Khosla

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