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दतिया उपचुनाव में BJP की बढ़ी मुश्किल! अपने ही समर्थकों ने खोला मोर्चा, कांग्रेस प्रत्याशी की तारीफ के पोस्टर वायरल

Friday, Jul 17, 2026-12:25 PM (IST)

दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव ने मतदान से पहले ही सियासी तापमान बढ़ा दिया है। चुनावी मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच ही सीमित नहीं दिखाई दे रहा, बल्कि भाजपा के सामने अपनी ही पार्टी के भीतर उठ रही नाराजगी भी एक बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है। टिकट वितरण के बाद शुरू हुआ असंतोष अब सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है, जिससे स्थानीय राजनीति में नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है।

टिकट बदलने के बाद बढ़ी नाराजगी

स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा के कई कार्यकर्ता और समर्थक टिकट वितरण के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जिस नेता को वे लंबे समय से अपना प्रतिनिधि मानते रहे, उसे टिकट नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में निराशा है। यही कारण है कि कई समर्थक पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा तो जता रहे हैं, लेकिन घोषित उम्मीदवार को लेकर खुलकर असहमति व्यक्त कर रहे हैं।

सोशल मीडिया बना विरोध का मंच

दतिया में चुनावी माहौल के बीच फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पोस्ट और पोस्टर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। इन पोस्टरों में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह को सहज और आम लोगों से जुड़े नेता के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं कुछ वायरल पोस्टों में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणियां भी देखने को मिल रही हैं। हालांकि इन पोस्टों की सत्यता और इन्हें साझा करने वालों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

संगठन के लिए बढ़ी चुनौती

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी चुनाव में संगठन की एकजुटता सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि स्थानीय स्तर पर असंतोष लंबे समय तक बना रहता है तो इसका असर चुनावी रणनीति और बूथ स्तर के प्रबंधन पर पड़ सकता है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराज कार्यकर्ताओं को मनाकर संगठन को एकजुट बनाए रखने की होगी।

कांग्रेस को मिल सकता है राजनीतिक फायदा

दूसरी ओर, भाजपा के भीतर दिख रही इस नाराजगी को कांग्रेस अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर सकती है। यदि विरोध की यह स्थिति मतदान तक बनी रहती है तो इसका सीधा लाभ विपक्ष को मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अंतिम तस्वीर मतदान के दिन कार्यकर्ताओं की सक्रियता और मतदाताओं के रुख से ही साफ होगी।

अब सबकी नजर डैमेज कंट्रोल पर

दतिया उपचुनाव में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा समय रहते नाराज समर्थकों को साथ लाने में सफल होगी या फिर अंदरूनी असंतोष चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की रणनीति और स्थानीय कार्यकर्ताओं का रुख इस चुनाव का सबसे अहम राजनीतिक पहलू साबित हो सकता है।


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Content Editor

Himansh sharma

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